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Fact Check: एआई से बना है समुद्र में कंटेनर से आईफोन निकालते हुए लड़के का वीडियो, पढ़ें पड़ताल

Mon, 01 Dec 2025 08:35 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि समुद्र में आईफोन से भरा एक कंटेनर गिर गया। इसमें से एक लड़का सारे आईफोन निकाल रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।  

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में दिख रहा है कि एक  नाव पर खड़े एक लड़का बता रहा है कि आईफोन से भरा एक कंटेनर समुद्र में तैरता हुआ मिला। वीडियो में, नाव पर मौजूद अन्य लोगों के साथ, वह व्यक्ति कंटेनर से आईफोन निकालते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वीडियो असली है और नदी पर तैरते हुए कंटेनर से लड़का फोन निकाल रहा है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि वीडियो में दिखाया गया दृश्य असली घटना से संबंधित नहीं है। इस वीडियो में दिखाई गई चीजें एआई के माध्यम से बनाई गई हैं। 

क्या है दावा 

वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि समुद्र में तैरते हुए कंटेनर से लड़का आईफोन निकाल रहा है। 

Cleverly (@Cleverlydey4u) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “उन्हें नदी में एक कंटेनर लीक होता हुआ मिला, ओमो! बस फ़ोन देखो” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

  पोस्ट का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहांं और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें @oye_sanki_1 नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला। यहां वायरल वीडियो को 29 नवंबर, 2025 को शेयर किया गया था। यह वीडियो वायरल क्लिप से बिल्कुल मेल खाता है। इंस्टाग्राम यूजर ने कैप्शन में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आईफ़ोन से भरे कथित कंटेनर वाला वीडियो एआई द्वारा बनाया गया था और कोई असली घटना नहीं थी।

इस यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा था "वीडियो का मुख्य उद्देश्य विशुद्ध रूप से शैक्षिक और रचनात्मक है। यह दर्शाने के लिए बनाया गया है कि आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक कितनी उन्नत हो गई है। वीडियो में दिखाए गए सभी दृश्य, घटनाएं, पात्र, प्रतिक्रियाएं और परिवेश AI द्वारा निर्मित हैं। यहां दिखाया गया कुछ भी असली नहीं है, और इसे किसी वास्तविक घटना, वास्तविक खोज या वास्तविक फुटेज के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए," उपयोगकर्ता ने विवरण में लिखा।

  

 

आगे हमने वीडियो को एआई डिटेक्टर टूल हाइव मॉडर्शन से भी सर्च किया। यहां इस टूल के माध्यम से हमें पता चला कि वीडियो 99.9 प्रतिश एआई के माध्यम से बना हुआ है। 

 

पड़ताल का नतीजा 

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हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। वीडियो में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है।

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