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Fact Check: राजस्थान में जुलूस के वीडियो को बिहार चुनाव के नतीजों के बाद प्रदर्शन का बताकर किया जा रहा शेयर

Sat, 22 Nov 2025 03:26 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर मशाल जुलूस का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बिहार चुनाव के नतीजे आने के बाद प्रदर्शन किया गया। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में बहुत से लोग मशाल होथों में लेकर चलते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद बिहार में वोट चोरी के खिलाफ यह एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ है। बिहार में लोग चुनावों के नतीजों के विरोध में सड़कों पर निकलकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह वीडियो बिहार का नहीं बल्कि राजस्थान में हुए प्रदर्शन का है।  25 सितंबर 2025 को जयपुर में युवा नेता नरेश मीणा के समर्थकों द्वारा झालावाड़ स्कूल हादसे में मारे गए बच्चों के लिए न्याय की मांग को लेकर यह मशाल जुलूस आयोजित किया गया था। 

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बिहार चुनाव में नतीजे आने के बाद वोट चोरी को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। 

रौशन कुमार निषाद नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “वोट चोरी के खिलाफ पटना में लोगों का विरोध प्रदर्शन वोट चोर गद्दी छोड़” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो 26 सितंबर को एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट मिला। यहां इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया था “झालावाड़ स्कूल हादसा न्याय की मांग बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए युवा शक्ति का जयपुर में प्रदर्शन। 


 

 

यहां से हमें पता चला कि वीडियो बिहार चुनाव के बाद या उसके आसपास से संबंधित नहीं है। बिहार में चुनावों की घोषणा 6 अक्तूबर 2025 को हुई थी। वहीं चुनाव 6 और 11 नवंबर 2025 को हुए थे। इसके नतीजे 14 नवंबर को सामने आए थे। लेकिन यह वीडियो सिंतबर से ही इंटरनेट पर मौजूद है। इससे यह पता चला कि वीडियो चुनाव के नतीजे आने के बाद का नहीं है। 

आगे हमने कीवर्ड के माध्यम से इस वीडियो को झालावाड़ स्कूल हादसे से संबंधित मीडिया रिपोर्ट सर्च की। यहां हमें एनडीटीवी की एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि जयपुर की सड़कों पर नरेश मीणा के समर्थकों ने गुरुवार (25 सितंबर) रात सड़कों पर मशाल जुलूस निकाला। नरेश मीणा पिछले 14 दिन से अनशन पर थे। उनकी मांग है कि झालावाड़ के पीपलोदी स्कूल हादसे में मृतक बच्चों के परिजनों को न्याय मिले। इसी मांग को मनवाने के लिए नरेश मीणा आमरण अनशन पर थे। उन्हें समर्थन देने के लिए बेटा अनिरुद्ध मीणा, पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समेत कई लोगों ने जुलूस निकाला। जयपुर के त्रिवेणी नगर चौराहा से लेकर गुर्जर की थड़ी तक सर्व समाज के लोग भारी तादाद में शामिल हुए। 

 

आगे हमें अमर उजाला के फैक्ट चेक डेस्क से पता चला कि यह वीडियो 30 सितंबर 2025 को  'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर विवाद से जोड़कर भी शेयर किया गाया था। जिसका फैक्ट चेक अमर उजाला ने किया था। उस समय इस वीडियो को यूपी पुलिस के द्वारा भी भ्रामक बताया गया था। पुलिस से लिखा था “यह वीडियो राजस्थान (जयपुर) के 25 सितम्बर 2025 के मशाल जुलूस का है, जिस पर फेक वॉयसओवर जोड़कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है। यूपी पुलिस इस भ्रामक वीडियो का खंडन करती है।”

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो राजस्थान के जयपुर का है जिसे बिहार चुनाव का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

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