सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में दिख रहा है इस आदमी एक गुंबद को ऊपर चढ़ रहा है। उसके बाद वह वहां कुछ तोड़फोड़ करते हुए भी नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर करके इस वीडियो को हालिया बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा के राज में मस्जिद को तोड़ा जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में पता चला कि यह घटना हालिया नहीं बल्की 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान की है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि हाल ही में दिल्ली में मस्जिद को तोड़ा गया है।
आयशा (@AaishaaSoomro) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “प्रिय दुनिया, मोदी के भारत में अल्पसंख्यकों के साथ ऐसा ही बर्ताव किया जाता है स्थान: दिल्ली” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें एक
एक्स अकाउंट पर इस वीडियो के कुछ विजुअल पोस्ट मिले। यहां इन्हें 2020 में पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया था "उन्होंने हमारे लोगों को मार डाला। उन्होंने हमारे कुरान को जलाया और हमारी मस्जिदों में तोड़-फोड़ की। उन्होंने हमारे घरों और दुकानों में आग लगा दी। और अब दिल्ली में दंगे भड़काने के आरोप में मुसलमानों को गिरफ़्तार किया जा रहा है, जबकि दंगाई आज़ादी से घूम रहे हैं।"
आगे हमें बीबीसी की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट को 2020 में छापा गया था। इस रिपोर्ट का शीर्षक था दिल्ली हिंसा: अशोक नगर में मस्जिद की मीनार पर किसने लगाए झंडे - ग्राउंड रिपोर्ट। इस रिपोर्ट में वायरल हो रही मिनार की तस्वीर थी। इस तस्वीर के साथ लिखा गया था "ये वही मस्जिद है जिसे लेकर मंगलवार को ख़बरें आईं थीं कि हमलावर भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने यहां मीनार पर तिरंगा और भगवा झंडा फहरा दिया था।"
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि 2020 के वीडियो को हालिया घटना बताकर शेयर किया जा रहा है।