पाकिस्तान के द्वारा संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट से एक दावा शेयर किया जा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि अमेरिका ने पाकिस्तान को उन्नत AIM-120 AMRAAM हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की बिक्री को मंज़ूरी दे दी है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा झूठा है। अमेरिकी दूतावास ने इसका खंडन किया है। अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि अनुबंध संशोधन का कोई भी हिस्सा पाकिस्तान को नई AMRAAMs की आपूर्ति के लिए नहीं है। अनुबंध में पाकिस्तान सहित कई देशों के लिए केवल रखरखाव और पुर्जे शामिल हैं।
आपको बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने एक अनुबंध में कुछ देशों की सूची जारी की थी। इसमें पाकिस्तान भी था। यह अनुबंध पाकिस्तान समेत कई देशों के लिए रखरखाव और पुर्जों से संबंधित था। लेकिन यह दावा किया जाने लगा कि अमेरिका पाकिस्तान को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें देने वाला है। दावा किया जाने लगा कि पाकिस्तान को अमेरिका से AIM-120 AMRAAM मिसाइलें मिलने की संभावना है, जो उसके F-16 बेड़े को मज़बूत करेंगी। लेकिन अब इस पर अमेरिका दूतावास का स्पष्टीकरण आया है।
क्या है दावा
कुछ मिसाइलों की तस्वीर को शेयर करके दवा किया जा रहा है कि अमेरिका से पाकिस्तान को AIM-120 AMRAAM मिसाइलें मिलने वाली है।
RKM (@rkmtimes) नाम के एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “अभी-अभी पाकिस्तान को 42 अरब डॉलर की कीमत वाली अमेरिका निर्मित रेथियॉन एआईएम 120 एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर टू एयर मिसाइल (एएमआरएएएम) मिलने वाली है, जिससे वह भारत के एस-400 और राफेल के खिलाफ अपने एफ-16 जेट विमानों को लैस कर सकेगा।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड के माध्यम से इस दावे को सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें
इंडिया टुडे की एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि, “संयुक्त राज्य अमेरिका ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को अत्यधिक उन्नत AIM-120 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की बिक्री को मंज़ूरी दे दी है। अमेरिकी दूतावास ने आज सुबह एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए ऐसी मीडिया रिपोर्टों को "झूठा" बताया और कहा कि "इस संदर्भित अनुबंध संशोधन का कोई भी हिस्सा पाकिस्तान को नई उन्नत मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (AMRAAM) की आपूर्ति के लिए नहीं है।"
आगे हमने अमेरिका दूतावास के द्वारा जारी किए गए बयान को सर्च किया। भारत में मौजूद अमेरिका दूतावास की तरफ से यहा साफ किया गया था कि 30 सितंबर, 2025 को, युद्ध विभाग ने मानक अनुबंध घोषणाओं की एक सूची जारी की, जिसमें पाकिस्तान सहित कई देशों के लिए रखरखाव और पुर्जों से संबंधित मौजूदा विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध में संशोधन का उल्लेख था। प्रशासन इस बात पर ज़ोर देना चाहता है कि झूठी मीडिया रिपोर्टों के विपरीत, इस संदर्भित अनुबंध संशोधन का कोई भी हिस्सा पाकिस्तान को नई उन्नत मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एएमआरएएएम) की आपूर्ति से संबंधित नहीं है। इस रखरखाव में पाकिस्तान की किसी भी मौजूदा क्षमता का उन्नयन शामिल नहीं है।

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल से साफ है कि अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को AMRAAM मिसाइल देने का दावा गलत है।