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Fact Check: 2019 में वाराणसी में वोटर से ज्यादा नहीं थे EVM के वोट, जानें वायरल दावे पर क्या बोला चुनाव आयोग

Tue, 09 Apr 2024 07:35 PM IST
शिवेंद्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fact Check: चुनावी सरगर्मी के बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि 2019 में वाराणसी में मतदान की तुलना में EVM से अधिक वोट निकले थे। चुनाव आयोग ने दावे का खंडन करते हुए एक बयान जारी किया है।
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FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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देश में इस वक्त चुनाव की सरगर्मी है। 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक सात चरणों में लोकसभा के चुनाव होने हैं। पहले और दूसरे चरण के नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि 2019 में वाराणसी में मतदान की तुलना में EVM से अधिक वोट निकले थे।
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क्या है दावा?
चुनावी माहौल के बीच वाराणसी सीट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया माध्यमों पर वायरल है। इसे साझा कर दावा किया जा रहा है कि 2019 में वाराणसी में 11 लाख वोटर थे लेकिन EVM में 12 लाख 87000 वोट की गिनती की गई। वीडियो को मनीषा चौबे नाम की यूजर ने एक्स पर पोस्ट किया है।
 

इसी वीडियो को जीतू यादव नाम के वेरिफाइड यूजर ने भी साझा किया है। इसके अलावा अन्य यूजर भी इस वीडियो को अलग-अलग दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। 
 
 

पड़ताल 
दावा चुनाव आयोग से जुड़ा था लिहाजा हमने पड़ताल के लिए चुनाव आयोग (ईसीआई) के सोशल मीडिया हैंडल्स को देखा। इस दौरान हमें निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता द्वारा किया गया एक 'एक्स' पोस्ट मिला। इस पोस्ट में ईसीआई ने वाराणसी लोकसभा सीट से जुड़े वायरल दावे का खंडन किया था। बयान के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं और ईवीएम में डाले गए वोटों के बेमेल होने के संबंध में एक वीडियो में झूठा दावा किया गया है।

ईसीआई ने बताया कि वाराणसी सीट पर कुल मतदाता 18,56,791 थे। ईवीएम में डाले गए और गिने गए कुल वोट10,58,744 थे और डाक वोट 2,085 थे। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि ईसीआई पत्र के हवाले से एक झूठा दावा किया जा रहा है कि आम चुनाव 2019 में 373 लोकसभा क्षेत्रों में कुल मतदाताओं और ईवीएम में डाले गए वोटों के बीच बेमेल पाया गया। हालांकि, दावा भ्रामक, फर्जी और निराधार है। ईसीआई द्वारा ऐसा कोई संचार जारी नहीं किया गया है। 
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पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल से स्पष्ट है कि यह दावा कि 2019 में वाराणसी में मतदान की तुलना में EVM से अधिक वोट निकले थे, पूरी तरह से गलत है। चुनाव आयोग ने दावे का खंडन करते हुए इसे फर्जी और निराधार करार दिया है।
 
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