सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक भाषण शेयर किया जा रहा है। इस भाषण में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की हो रही हत्याओं को देखते हुए बांग्लादेश पर हमला करने के लिए कह रहे हैं। साथ ही यह भी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि अगर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं तो अपने पद को छोड़ दें। वह अपने भाषण में यह भी कह रहे हैं कि यह सब पाकिस्तान में बैठा असीम मुनीर करवा रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इमरान खान के समर्थक योगी आदित्यनाथ के साथ हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो तो असली है। योगी आदित्यनाथ जो बयान दे रहे हैं वह पूरी तरह से एडिट किया गया है। योगी के असली बयान को एआई से छेड़छाड़ करके बदल दिया गया है।
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोल रहे हैं। इसके साथ ही वह बांग्लादेश की हालत के लिए असीम मुनीर को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
Refutationist (@EnkiduBornAgain) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “एक भयानक धमाका हुआ। अगर योगी आदित्यनाथ भी सेना के जनरलों के खिलाफ बोलते हैं, तो मेरे सभी न्यायप्रिय लोग योगी आदित्यनाथ के साथ खड़े होंगे। वह मिट्टी को ऐसे प्रदूषित कर रहा है जैसा कोई और नहीं कर सकता। इमरान खान का हर सच्चा सिपाही आपके साथ है योगी।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैंं।

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड के माध्यम से इस भाषण पर मीडिया रिपोर्ट सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें कोई ऐसी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें सीएम योगी के इस भाषण के बारे में कुछ बताया गया हो।
वीडियो पर हमें एएनआई का लोगो नजर आया। हमने एएनआई के एक्स अकाउंट पर इस वीडियो को सर्च किया। यहां हमें योगी आदित्यनाथ का विधानसभा में भाषण देने वाला वीडियो तो मिला, लेकिन उसमें वो बातें नहीं थीं जो वायरल वीडियो में कही गई हैं। वीडियो के कुछ फ्रेम एएनआई और वायरल वीडियो में एक जैसे थे, लेकिन इन दोनों में आवाजें अलग थीं।
एएनआई के इस वीडियो में सीएम योगी बांग्लादेश में मारे गए हिंदू अल्पसंख्यक की बात करते हुए कहते हैं, “देखो बांग्लादेश में एक दलित युवक को ज़िंदा जला दिया गया। गाजा पट्टी में जो कुछ भी होता है, उस पर आप लोग आंसू बहाते हैं, लेकिन जब बांग्लादेश में एक दलित युवक को मार दिया गया, तो आपके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला, और आपकी ज़बानें बंद हो गईं क्योंकि आप उन्हें सिर्फ़ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। यही सच है, आपकी तुष्टीकरण की नीति का सच, जिसकी वजह से बांग्लादेश बना। अगर बांग्लादेश और पाकिस्तान नहीं बने होते, तो हिंदुओं को इस तरह ज़िंदा नहीं जलाया जाता, और अगर ऐसा होता, तो इसके क्या नतीजे होते?... आप गाजा मुद्दे पर कैंडल मार्च निकालते हैं। लेकिन जब पाकिस्तान और बांग्लादेश में किसी हिंदू को मारा जाता है, तो आपके मुंह बंद हो जाते हैं। क्योंकि जो मरा है, वह हिंदू है, दलित है। एक निंदा प्रस्ताव पास होना चाहिए और विपक्ष के नेता की तरफ से एक प्रस्ताव आना चाहिए। हम इस घटना की निंदा करते हैं और बांग्लादेश सरकार को चेतावनी देते हैं... जब हम बांग्लादेशियों को यहां से निकालेंगे और रोहिंग्याओं को बाहर का रास्ता दिखाएंगे, तो उनके समर्थन में मत आना क्योंकि आपने उनमें से कई लोगों को वोटर के तौर पर रजिस्टर करवाया है। आपने उनमें से कई लोगों के आधार कार्ड बनवाने का पाप भी किया है... अपने ही देश में रहकर, हमारे लोगों के खिलाफ़ अपराध करना, और फिर वहां मासूम हिंदुओं और मासूम सिखों पर अत्याचार करना, यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
सीएम योगी अपने इस बयान में न तो कहीं पीएम मोदी से इस्तीफा देने के लिए कहते हैं और न ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर का नाम लेते हैं।

हमने एएनआई के वीडियो में तारीख देखी तो इसमें 24 दिसंबर दिख रहा था। इससे संकेत लेते हुए हमने उत्तर प्रदेश विधानसभा के यूट्यूब चैनल पर सर्च किया। यहां हमें 24 दिसंबर का यूपी के विधानसभा सत्र का वीडियो मिला। इस सत्र में सीएम योगी लगभग 1 घंटा 17 मिनट तक अपनी बातें रखी। जिसमें उन्होंने यूपी के विकास, अपनी उपलब्धियों की बात की और सपा पर निशाना साधा। साथ ही बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक की हत्या पर भी बोले। लेकिन उन्होंने कहीं भी पीएम मोदी के इस्तीफे की बात नहीं कही थी।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल वीडियो में सीएम योगी के असली भाषण के बदलकर झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।