फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fact Check: एआई से बना है 500 रुपये का नया नोट जारी होने का दावा, पढ़ें पड़ताल

Fri, 05 Jun 2026 05:49 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि आरबीआई ने 500 का नया नोट जारी किया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

विज्ञापन
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में 500 रुपये की नोट नजर आ रही है। इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर भी नजर नहीं आ रही है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिर्जव बैंक ने नया 500 का नोट जारी किया है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एआई से बनी हैपाया है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिर्जव बैंक ने नया 500 का नोट जारी किया है। 

विजेंद्र पटेल @vijend380 नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’भारत ने 500 रुपये का नया पेपर नोट जारी किया। भारत की रुपये की नई नोट। बनावट थोड़ी ठीक ठाक लग रही है मगर वैल्यू वही है जो पहले वाली की थी।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल के लिए पहले हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें इससे संबंधित कोई भी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। आगे की पड़ताल में हमने आरबीआई के अधिकारिक वेबसाइट पर सर्च किया। इस दौरान भी हमें कोई जानकारी नहीं मिली।

विज्ञापन

 

 

यहां से हमें पता चला कि आरबीआई ने 500 की नई नोट जारी नहीं की है। अगर नई नोट जारी होती तो आरबीआई की वेबसाइट पर इससे संबंधित जानकारी नजर आती। 

आगे की पड़ताल के लिए हमने तस्वीर को ध्यान से देखा। तस्वीर में हमें कई विसंगतियां नजर आईं। जैसे तस्वीर की क्वालिटी बहुत अधिक थी। यहां से हमें तस्वीर के एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने तस्वीर की पड़ताल के लिए एआई टूल का इस्तेमाल किया। जीरो जीपीटी टूल ने वायरल तस्वीर को 96 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।

 

इसके बाद हमें undetectable.ai पर सर्च किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर को एआई से बने होने की जानकारी दी। इस टूल ने वायरल तस्वीर को मात्र 4 फीसदी ही असली बताया है। 

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को एआई से बना पाया है। इसे शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। 

 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें