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Fact Check: एआई से बना है तेहरान में जासूसी के आरोप में भारतीय नागरिक को हिरासत में लेने के दावे वाला वीडियो

Fri, 13 Mar 2026 07:41 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जासूसी के आरोप में तेहरान में एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया गया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स को पुलिस पकड़े हुए नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जासूसी के आरोपों तेहरान में एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया गया है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है। 

क्या है दावा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि  जासूसी के आरोप में एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया गया है।

रिमलैंड इंटेलिजेंस (@Rimland_Intel) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,”जासूसी के आरोपों के बीच तेहरान में एक भारतीय नागरिक को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया है। खबरों के मुताबिक, ईरानी सुरक्षा बलों ने तेहरान में एक भारतीय नागरिक को इस शक के आधार पर गिरफ्तार किया है कि वह इस्राइल की मोसाद के लिए जासूसी कर रहा था। मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच विदेशी खुफिया नेटवर्क पर चल रही बड़ी कार्रवाई के दौरान, इस व्यक्ति पर राजधानी से इस्राइली एजेंटों तक संवेदनशील सैन्य जानकारी पहुंचाने का आरोप है। हालांकि ये खबरें ईरानी सीमाओं के भीतर सुरक्षा में एक बड़ी सेंध का संकेत देती हैं, लेकिन भारत सरकार ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है; जिससे इस गिरफ्तारी के भू-राजनीतिक असर और दक्षिण एशिया में ऐसे और भी खुफिया नेटवर्क होने की संभावना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

हमने इस दावे की पड़ताल के लिए पहले कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें इससे संबंधित कोई भी खबर नहीं मिली। 

इसके बाद हमने वीडियो को ध्यान से देखा। इस दौरान हमें वीडियो में कई विसंगतिया नजर आई। जैस काले शर्ट पहने शख्स का शरीर आधी कार से बाहर नजर आ रहा है। यहां से हमें वीडियो के एआई होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो के पड़ताल के लिए हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस दौरान टूल ने वायरल वीडियो को 76.4 फीसदी एआई से बना पाया है। 

इसके बाद हमने undetectable ai एआई से बना पाया है। इस टूल ने वायरल वीडियो को मात्र 14 फीसदी ही असली होने की जानकारी दी है। 

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पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

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