सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कलमा पढ़ने को कह रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो को अलग-अलग संदर्भ में शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अविमुक्तेश्वरानंद कलमा पढ़ने को कह रहे हैं।
भारत नाम (@BHARATPAREEKJI) के एक्स यूजर ने लिखा, “चेलो कलमा पढ लो,कालनेमी जी बोल रहे है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
वीडियो में अविमुक्तेश्वरानंद कह रहे हैं, “जो इस्लाम को अंगीकार करेगा और कलमा पढ़ेगा, जब उसका निधन होगा और कयामत का दिन आएगा, तो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश करके उसे ‘बहिश्त’ भिजवा देंगे। वहां वह सुखों का भोग करेगा। जिसने कलमा नहीं पढ़ा है, चाहे वह कितना ही बड़ा सत्यवादी, सन्यासी या शंकराचार्य हो, मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश नहीं करेंगे। इसलिए कलमा पढ़ लेना और एक मोहम्मद और एक खुदा पर विश्वास कर लेना।”
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें 1008.Guru नाम के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यहां लिखा है इस्लाम और सनातन धर्म में क्या अंतर है। अविमुक्तेश्वरानंद कह रहे हैं कि कोई भी मुसलमान हमारी बात को सुन रहा हो, वो नाराज ना हो, क्योंकि जो सच्चाई है वही हम बोल रहे हैं। आपका जो धर्म है वो गोलबंदी है, कि हमारी गोल में आ जाओ सब ठीक है। हमारी गोल से बाहर हो तो तुम गलत हो। उनकी परिभाषा के अनुसार, जो इस्लाम को अंगीकार करेगा, कलमा पढ़ेगा, जब उसका निधन होगा कयामत का दिन आएगा, तो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश करके उसको बहिश्त पर भिजवा देंगे। वहां वह सुखों का भोग करेगा।” जो कलमा नहीं पढ़ा है, वह चाहे जितना भी सत्यवादी हो, चाहे वह कितना भी सद्चरित्र हो, चाहे कितना ही बड़ा सन्यासी हो, शंकराचार्य हो, मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश नहीं करेंगे और उसको सदा सदा के लिए दोजख की नरक में झोंक दिया जाएगा। ये गोलबंदी नहीं है तो क्या है।”

आगे की पड़ताल में हमें shrijyotirmath के इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यहां भी अविमुक्तेश्वरानंद कह रहे हैं कि कोई भी मुसलमान हमारी बात को सुन रहा हो, वो नाराज ना हो, क्योंकि जो सच्चाई है वही हम बोल रहे हैं। आपका जो धर्म है वो गोलबंदी है, कि हमारी गोल में आ जाओ सब ठीक है। हमारी गोल से बाहर हो तो तुम गलत हो। उनकी परिभाषा के अनुसार, जो इस्लाम को अंगीकार करेगा, कलमा पढ़ेगा, जब उसका निधन होगा कयामत का दिन आएगा, तो मोहम्मद साहब उसकी सिफारिश करके उसको बहिश्त पर भिजवा देंगे।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को फर्जी पाया है। अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को संदर्भ काटकर शेयर किया जा रहा है।