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Fact Check: 2020 में कानपुर में लोगों को सजा दिए जाने की तस्वीर को बिहार चुनाव से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Fri, 31 Oct 2025 07:59 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रहा है इसमें सड़क पर लोगों को एक कतार में खड़ा करके सजा दी गई है। इस तस्वीर को बिहार की बताकर शेयर किया जा रहा है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर किया जा रहा है। इस तस्वीर में कुछ लोग कान पकड़ कर खड़े ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें किसी ने सजा दी है। इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह बिहार की तस्वीर है। यहां लोगों को सड़क पर कान पकड़ कर खड़े होने की सजा दी गई है। इस तस्वीर के साथ भाजपा पर निशाना साधा जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह भाजपा के अच्छे दिन है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह तस्वीर बिहार के लोगों को सजा देना की नहीं है। यह तस्वीर असल में कानपुर की है। यह 24 मार्च, 2020 की है, जब कुछ लोगों को COVID-19 लॉकडाउन तोड़ने के लिए सजा दी गई थी। 

क्या है दावा 

इस तस्वीर को शेयर करके बिहार का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि बिहार के लोगों को सड़क पर कान पकड़कर खड़ा करके सजा दी गई है। भाजपा के अच्छे दिन यही हैं। 

इस तस्वीर में लोगों की एक कतार में कान पकड़ कर खड़े होने की तस्वीर है वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी की तस्वीर भी लगी हुई है। इस तस्वीर के साथ में लिखा है “बिहारियों इस हृदय विदारक घटना को भूलना मत जल्लाद बनकर भूखे नंगे पांव पैदल चलना हमने सिखाया था मुर्गा बनाकर डंडे से पीठ मजबूत हमने ही कराया था याद है कि भूल गए अच्छे दिन”

Dipak_das_4u__नाम के एक अकाउंट से इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया “अच्छे दिन कौन भूल सकता है बिहार की जनता को चाहिए वोट मांगने आए भाजपाइयों को मुर्गा बना देना चाहिए” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस तस्वीर के साथ कई मीडिया रिपोर्ट मिली। 2021 की द हिंदू की एक रिपोर्ट में इस तस्वीर को कानपुर का बताकर लिखा गया था 24 मार्च 2020 को कानपुर के चकेरी इलाके में पुलिसकर्मियों ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों को सजा दी।

 

 

आगे हमने इस तस्वीर के बारे में ज्यादा जानने के लिए अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें पता चला कि 24 मार्च 2020 को कोरोना वायरस के चलते सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन को तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। कानपुर में पुलिस प्रशासन ने ऐसे लोगों पर निगाहें टेढ़ी कर दी। कहीं पर लोगों को मुर्गा बनाया गया तो कहीं हाथ खड़े करके उनको धूप में सजा दी गई।

 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तस्वीर 2020 में कानपुर में लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे लोगों को सजा दिए जाने की है। 

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