सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर कुछ खास तरह के पुराने नोट और सिक्के बदलने पर लाखों रुपये मिलने का दावा किया जा रहा है। इस पोस्ट को लोग सच मानकर शेयर कर रहे हैं। हालांकि, पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में यह पाया गया है कि पुराने सिक्के और नोट खरीदने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है। इसलिए, इस पोस्ट में किया गया दावा पूरी तरह भ्रामक है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'फेसबुक' पर Currency Buyers नाम के एक पेज ने 25 नवंबर को पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ''How to sell indian old rare coins and banknote Direct to real old currency, old coins value,old coin,old note value,old coin buyer,old coin buyer contact number,how to sell old coins,sell 5 rupees tractor note,sell rare old coins,sell 786 serial number note,valuable currency,purane sikke,purane note kaise. bache,old coin sale,पुराने नोट और सिक्के,पुरानी मुंद्रा कैसे बेचें,सबसे कीमती सिक्के,पुराने नोट कहां बेचें,पुरानी मुंद्रा,पुराने नोट और सिक्के बेचो'' इसके अलावा, इस पोस्ट में एक आदमी की आवाज द्वारा इन सिक्कों और नोटों को बेचने की पूरी प्रक्रिया बताई गई है।
इस वीडियो को 5 हजार से भी ज्यादा लोगों ने लाइक किया है तथा 600 से ज्यादा लोग इसे अब तक इसे शेयर कर चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां क्लिक कर देखें।

पड़ताल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए डेस्क ने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स निकाले और इंटरनेट पर संबंधित कीवर्ड से ओपन सर्च किया इस दौरान पीटीआई को इससे मिलती-जुलती कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। ज़ी बिजनेस की 10 सितंबर 2022 की एक रिपोर्ट को जब हमने पढ़ा तो उसमें बताया गया था कि कई वेबसाइट पर पुराने सिक्कों और नोटों की नीलामी की जा रही है। रिपोर्ट में विस्तार से यह भी बताया गया है कि RBI द्वारा 2002 में जारी किए गए वैष्णो देवी की तस्वीर वाले 5 या 10 रुपये के सिक्कों की ऑनलाइन साइट्स पर नीलामी में कीमत 10 लाख रुपये तक है। ठीक इसी तरह, ट्रैक्टर की तस्वीर वाले 5 रुपये के नोट ऑनलाइन नीलामी में लाखों कमाने की बात की जा रही है। हालाँकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि RBI ने पुराने सिक्कों और नोटों की ऑनलाइन बिक्री और खरीद के खिलाफ चेतावनी दी है। इसका स्क्रीनशॉट नीचे देखें और पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक करके पढ़ें।

इसके अलावा, ज़ी बिजनेस हिंदी की 30 नवंबर 2021 की एक और रिपोर्ट को जब हमने पढ़ा तो उसमें बताया गया था कि कुछ ख़ास प्रकार की 3 नोट एक्सचेंज करने पर 1 लाख रुपए मिलेंगे, जिसमें हर नोट की अलग कीमत देने की बात कही गई थी। पूरी रिपोर्ट पढ़ने पर पीटीआई को पता चला कि आपको पुराने नोट के बदले कई गुना पैसे कमाने का मौका एक ई-कॉमर्स कंपनी दे रहा थी। इसका स्क्रीनशॉट नीचे देखें और पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक करके पढ़ें।

पड़ताल को जारी रखते हुए पीटीआई ने कुछ ऐसी ही अन्य रिपोर्ट्स और भी मिली, जिसमें नोट और सिक्कों की नीलामी और बदली कर ढेरो पैसे मिलनें की बात कही जा रही थी। नवभारतटाइम्स.कॉम की 12 Feb 2022 की पीटीआई की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया था, ''अगर आपके पास है पुराना नोट या सिक्का तो आप रातों रात हो जाएंगे अमीर!'' यहाँ पैसे ऑनलाइन बेचने का पूरा तरीका भी बताया गया था, इसके लिए एक ई-कॉमर्स कंपनी की वेबसाइट का जिक्र किया गया था। इसका स्क्रीनशॉट नीचे देखें और पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक करके पढ़ें।

इन सारी मीडिया रिपोर्ट्स में एक बात साफ की लिखी गई थी कि एक्सचेंज के लिए आगे बढ़ने से पहले जरुर चेक करें कि वेबसाइटें वास्तव में किसी विशेष नोट/सिक्के के लिए बताई गई राशि की पेशकश करती हैं या नहीं पुष्टि होने पर ही इस प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ें। पीटीआई फैक चेक डेस्क ने अपनी पड़ताल आगे बढ़ाई तो पीटीआई को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगस्त 2021 की एक प्रेस विज्ञप्ति भी मिली, जिसमें पुराने सिक्कों और नोटों की ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के बारे में चेतावनी दी गई थी।
RBI की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “भारतीय रिजर्व बैंक के संज्ञान में आया है कि कुछ तत्व धोखाधड़ी से भारतीय रिजर्व बैंक के नाम/लोगो का उपयोग कर रहे हैं और विभिन्न ऑनलाइन/ऑफ़लाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पुराने बैंक नोटों और सिक्कों की खरीद-फरोख्त से संबंधित लेन-देन में जनता से शुल्क/कमीशन/कर मांग रहे हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि RBI ऐसे मामलों में शामिल नहीं है और कभी भी शुल्क/कमीशन नहीं मांगता है। RBI ने किसी भी संस्था/फ़र्म/व्यक्ति आदि को ऐसे लेन-देन में अपनी ओर से शुल्क/कमीशन लेने के लिए अधिकृत नहीं किया है। RBI जनता को सतर्क रहने और ऐसे तत्वों के झांसे में न आने की सलाह देता है जो इस तरह के काल्पनिक/धोखाधड़ी वाले ऑफ़र के ज़रिए पैसे ऐंठने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के नाम का इस्तेमाल करते हैं।” इसका स्क्रीनशॉट नीचे देखें और पूरी प्रेस विज्ञप्ति यहां क्लिक करके पढ़ें।

आपको मालूम हो कि कई लोगों को पुराने सिक्के और करेंसी नोट इकट्ठा करने का शौक होता है, तो कई इसे किसी विशेष याद के तौर पर भी जमा या इकट्ठा कर के रखते हैं। कई लोग यह शोक पूरा करने के लिए लोगों से इसे मनचाही कीमत पर खरीदते और बेचते हैं। इसके लिए कई बार तो अलग से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें प्राचीन सिक्कों और नोटों की नीलामी की बड़ी की कीमत लगाई जाती हैं।
आपको बताते चले कि आप पुराने सिक्कों और नोटों को बेचने के लिए कई ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियों की वेबसाइट उपलब्ध हैं, जैसे यहाँ, यहाँ और यहाँ आप पुराने सिक्कों की जानकारी और तस्वीरों का विवरण अपलोड करके खरीदारों के साथ संपर्क कर सकते हैं। ये ई-कॉमर्स साइटें पुराने सिक्कों और नोटों से जुड़े तेज़ कारोबार में लगी हुई हैं। हालाँकि ये ई-कॉमर्स वेबसाइट इस कारोबार के लिए प्लेटफ़ॉर्म के रूप में काम करती हैं, जो पूरी तरह से तीसरे पक्ष के रूप में काम करती हैं। इसका मतलब यह है कि खरीद और बिक्री प्रक्रिया में इनकी कोई भागीदारी नहीं होती है। साथ ही साथ वे इस कारोबार के भीतर किसी भी लेन-देन या धोखाधड़ी के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं। हमने इन सभी साइट्स को ध्यान से खंगाला इस दौरान पीटीआई को कहीं वायरल पोस्ट से सम्बंधित कोई जानकारी नहीं मिली।
ई-कॉमर्स कंपनियों के अलावा भारतीय रिज़र्व बैंक कहीं किसी भी वेबसाइट पर वायरल पोस्ट में किए जा रहे दावे से सम्बंधित कोई जानकारी नहीं थी। वहीं पड़ताल के दौरान मिली कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ पुराने सिक्के खरीदने के नाम पर लोगों को ठगा गया है। वहीं, वायरल हो रही यह पोस्ट और इसके साथ किया जा रहा दावा कहीं से भी कोई सटीक जानकारी नहीं या भरोसेमंद विवरण नहीं दे रहा है। इसलिए हमारी पड़ताल में पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक साबित हुआ है। साथ ही पीटीआई फैक्ट चेक आपसे ऑनलाइन लेन-देन के मामले में सतर्क रहने और ऐसे ठगों की बातों में न आने के साथ आपसे अपनी किसी भी प्रकार की निजी जानकारी साझा ना करने की गुजारिश करता हैं।
(This story was originally published by
PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)