सोशल मीडिया पर एक रैली का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग बाइकों पर रैली निकालते हुए नजर आ रहे हैं। बाइक पर बैठें लोगों के हाथों में कई अलग-अलग झंडे नजर आ रहे हैं।
दावा क्या है?
दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अकोला पश्चिम में कांग्रेस के उम्मीदवार 'साजिद खान मस्तान खान' की चुनावी रैली का है, जिसमें 'फिलिस्तीन, ईरान, इराक, आईएसआईएस और हिजबुल्लाह' के झंडे दिखाए गए हैं।
एक्स पर यह वीडियो कई राइट-विंग अकाउंट्स द्वारा शेयर किया गया है। इनमें से एक @ajaychauhan41, जो अक्सर ग़लत सूचनाएं प्रसारित करते है, ने वीडियो के साथ कैप्शन दिया, "उनके झंडों को देखो। फिलिस्तीन, ईरान, इराक, आईएसआईएस, हिजबुल्लाह के झंडे.. कोई भारतीय झंडा नहीं। अंदाजा लगाइए यह चुनावी रैली किस देश की है? यह धर्मनिरपेक्ष देश भारत के महाराष्ट्र राज्य के अकोला पश्चिम के उम्मीदवार साजिद खान मस्तान खान की चुनावी रैली है." इस पोस्ट को अब तक 97,000 व्यूज, 2,300 रीपोस्ट और 2,900 से ज़्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्ज़न यहां देखें. अन्य पोस्ट यहां, यहां, यहां और यहां देखें।
वायरल पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट. (सोर्स: एक्स/स्क्रीनशॉट)
हालांकि, लॉजिकली फैक्ट ने जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो महाराष्ट्र के अकोला पश्चिम में कांग्रेस की रैली का नहीं, बल्कि सितंबर 2024 में ईद-मिलाद-उन-नबी के दौरान लातूर में आयोजित बाइक रैली का है।
पड़ताल
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर, लॉजिकली फैक्ट्स को इसका लंबा वर्ज़न एक यूट्यूब चैनल (आर्काइव यहां) पर सितंबर 23 को अपलोड किया हुआ मिला। इससे स्पष्ट होता है कि यह वीडियो एक महीने से ज़्यादा पुराना है। इसमें कहीं भी कांग्रेस की रैली का जिक्र नहीं था।
लॉजिकली फैक्ट्स ने पाया कि यही वीडियो सितंबर 2024 में कई यूजर्स ने अपलोड किया था, जिसमें कहा गया था कि यह महाराष्ट्र के लातूर में ईद-मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकाले गए जुलूस का है।यूट्यूब पर संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर लॉजिकली फैक्ट को 'लातूर न्यूज़ ऑफिशियल' (आर्काइव यहां) और 'भारतसत्ता' (आर्काइव यहां) नाम के स्थानीय न्यूज़ चैनलों पर इस रैली के दूसरे वीडियो मिले।
वीडियो में कई इस्लामिक झंडे नजर आते हैं, जो आमतौर पर ईद-मिलाद-उन-नबी और मुहर्रम के जुलूसों में देखे जाते हैं। इसके साथ ही भारत का झंडा भी दिखाई देता है। हालांकि, फलस्तीन का झंडा जरूर दिखता है, लेकिन वीडियो में आईएसआईएस, हिजबुल्लाह, इराक या ईरान के झंडे नजर नहीं आते, जैसा कि दावा किया गया है।
साजिद ब्लॉग और साहिल शेख नामक दो यूट्यूब चैनलों (आर्काइव यहां और यहां) पर भी इस रैली का वीडियो मौजूद है, जिसमें साफ तौर पर बताया गया है कि दोनों ईद-मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकाली गई बाइक रैली में हिस्सा ले रहे हैं। वीडियो में लॉजिकली फैक्ट्स को कई बार ऐसे दृश्य दिखाई देते हैं, जो पहले उल्लेख किए गए दूसरे वीडियो के दृश्यों से मेल खाते हैं।
वायरल वीडियो और यूट्यूब वीडियो के दृश्यों की तुलना का स्क्रीनशॉट. (सोर्स: एक्स/यूट्यूब/स्क्रीनशॉट)
इसके बाद, लॉजिकली फैक्ट्स ने 'भारत सत्ता' यूट्यूब चैनल के संपादक हामिद शेख से संपर्क किया, जिन्होंने पुष्टि की कि यह वीडियो सितंबर 2024 में लातूर में ईद-मिलाद-उन-नबी का है।
हामिद ने बताया, "यह वीडियो लातूर के गांधी चौक के पास का है. बाइक रैली सूफिया मस्जिद से शुरू हुई थी और फिर शहर के कई इलाकों से गुज़रते हुए आगे बढ़ी." वीडियो में दिखाई दे रहे झंडों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "रैली में इस्लामिक झंडे थे, लेकिन आईएसआईएस और हिजबुल्लाह के झंडे नहीं थे."
लॉजिकली फैक्ट्स से बात करते हुए लोकमत इंग्लिश के जिला संवाददाता विनोद चवन और टाउन कनेक्ट के पत्रकार नितिन गायकवाड़ ने भी पुष्टि की कि वायरल वीडियो लातूर का है और यह ईद-मिलाद-उन-नबी के जुलूस का है.
इसके अलावा, लॉजिकली फैक्ट्स ने वीडियो की लोकेशन की पहचान लातूर में गांधी चौक के पास MSH3 रोड में की, जहां बैकग्राउंड में बीएसएनएल ऑफिस टावर जबकि रोड के बाएं साइड में 'लातूर अति दक्ष अस्पताल' का बोर्ड दिखाई देखा जा सकता है. इस इलाके का स्ट्रीट व्यू नीचे देखा जा सकता है।
अकोला पश्चिम से कांग्रेस उम्मीदवार
महाराष्ट्र के अकोला पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने साजिद खान पठान को अपना उम्मीदवार घोषित किया। ध्यान देने वाली बात यह है कि वायरल पोस्ट में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम 'साजिद खान मस्तान खान' के रूप में गलत तरीके से लिखा गया है।
पड़ताल का नतीजा
अब तक की लॉजिकली फैक्ट्स की जांच से यह स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो महाराष्ट्र के लातूर में ईद-मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकाली गई बाइक रैली का है और इसका कांग्रेस के किसी भी उम्मीदवार की चुनावी रैली से कोई संबंध नहीं है।
(This story was originally published by Logically Fact as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)