सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में सीडीएस अनिल चौहान कुछ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एनडीए गठबंधन बिहार चुनाव में त्रिशूल अभ्यास की बदौलत जीता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि भारतीय सेना से मुसलमानों को हटाना जरूरी है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एडिटेड है। सीडीएस अनिल चौहान ने बिहार चुनाव से संबंधित कोई बयान नहीं दिया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सीडीएस अनिल चौहान ने कहा है कि एनडीए गठबंधन बिहार चुनाव में त्रिशूल अभ्यास की बदौलत जीता है।
अबुबकर कस्साम (@abubakarqassam) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “ब्रेकिंग न्यूज भारतीय रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान का दावा है कि एनडीए गठबंधन ने बिहार चुनाव त्रिशूल अभ्यास की बदौलत जीता है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध को एक बड़े धर्मयुद्ध का हिस्सा बताया, जिसके लिए भारतीय सेना से मुसलमानों को हटाना जरूरी है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें समाचार एजेंसी एएनआई के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 15 नवंबर 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में अनिल चौहान ने कहीं भी बिहार चुनाव से संबंधित कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था को तीन घेरों वाले मॉडल के जरिए समझाया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र की सुरक्षा को ऐसे समझा जा सकता है जैसे तीन गोल घेरों में बांटा गया हो।

आगे की पड़ताल में हमें पीआईबी फैक्ट चेक की पोस्ट मिली। यह पोस्ट 17 नवंबर को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल दावे को गलत बताया गया है। पोस्ट में लिखा है कि पाकिस्तान समर्थक हैंडल सीडीएस जनरल अनिल चौहान का एक वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कहा है कि एनडीए गठबंधन ने त्रिशूल अभ्यास के कारण बिहार चुनाव जीता है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध को एक बड़े धर्मयुद्ध का हिस्सा बताया है, जिसमें भारतीय सेना से मुसलमानों और गैर-हिंदुओं को हटाना शामिल है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। यह वीडियो गलत सूचना फैलाने और भारतीय सशस्त्रबलों में विश्वास को कम करने के लिए एआई द्वारा तैयार किया गया है ।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। सीडीएस ने बिहार चुनाव से संबंधित कोई बयान नहीं दिया है।