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Fact Check: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का डिजिटली अलटर्ड बयान किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Thu, 28 Aug 2025 08:06 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर नौसेना एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में वह सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर में नौसेना को लड़ाई की अनुमति नहीं देने का आरोप लगा रहे हैं । हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान के कुछ प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का एडिट किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिनेश कुमार त्रिपाठी को यह कहते हुए गलत तरीके से पेश किया जा रहा है कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लड़ने की अनुमति नहीं दी थी। भाषण के एक हिस्से में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वे लड़ने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाते हुए सुनाई दे रहे हैं। जिसके कारण वायु सेना को नुकसान हुआ। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि वीडियो के एक हिस्से को एडिट करके शेयर किया जा रहा है। जांच करने पर हमें दिनेश कुमार त्रिपाठी के मूल भाषण का वीडियो मिला। यहां से हमें पता चला कि वीडियो शेयर करके किए जा रहे दावे पूरी तरह से झूठे हैं। 

  आपको बता दें हिंद महासागर में भारत की शक्ति और बढ़ गई है। विशाखापत्तनम स्थित बेस पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अत्याधुनिक प्रोजेक्ट 17ए मल्टी- मिशन स्टील्थ फ्रिगेट उदयगिरि और हिमगिरि को नौसेना में शामिल किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहला अवसर है जब दो अलग-अलग शिपयार्डों में निर्मित दो अग्रिम पंक्ति के सतही लड़ाकू युद्धपोत को एकसाथ कमीशन किया गया। 

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने नौसेना को लड़ने की अनुमति नहीं दी। एडमिरल त्रिपाठी ने इन नुकसानों के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

द व्हिसल ब्लोअर (@InsiderWB) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मोदी सरकार पर राजनीतिक कारणों से उन्हें कोई भी नुकसान पहुंचाने की अनुमति न देने का आरोप लगाया है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय वायु सेना को भारी नुकसान हुआ।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

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इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें वायरल हो रहा वीडियो रिपब्लिक भारत के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट मिला। इस वीडियो को हमने पूरा सुना तो पता चला कि दिनेश त्रिपाठी की तरफ सरकार को युद्ध की अनुमति नहीं देने जैसे कोई बात नहीं कही।  

वायरल वीडियो के बयान में  दिनेश त्रिपाठी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि “सर आपने विक्रांत के डेक पर भारतीय नौ सेना से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगली बार अगर जरूरत पड़ी तो हो सकता है कि ओपनिंग हमारी नौसेना के द्वारा ही होगी। हम तो चाहते थे कि सरकार हमें लड़ाई करने की अनुमति दे। लेकिन सरकार ने हमें अनुमति नहीं दी इसलिए भारतीय वायुसेना तो नुकसान सहना पड़ा।” 

लेकिन मूल भाषण में दिनेश त्रिपाठी कह रहे हैं कि “सर आपने विक्रांत के डेक पर भारतीय नौ सेना से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगली बार अगर जरूरत पड़ी तो हो सकता है ओपनिंग हमारी नौसेना के द्वारा ही होगी। आज मैं ये कहना चाहूंगा कि उदयगिरी और हिमगिरी जैसे आधुनिक और स्टेट ऑफ का आर्ट्स प्लेटफॉर्म हमें दुश्मन को ओपनिंग नॉकआउट पंच देने में और भी सक्षम बनाते हैं।”

आगे हमें इस वीडियो का खंडन करता हुआ सरकार की नोडल एजेंसी पीआईबी का एक्स पोस्ट मिला। पीआईबी की तरफ से कहा गया कि यह वीडियो फर्जी है। भारतीय नौसेना प्रमुख ने ऐसा कोई वक्तव्य नहीं दिया है। साथ ही नौसेना के यूट्यूब चैनल का लिंक भी शेयर किया जिसमें दिनेश त्रिपाठी का मूल वीडियो मौजूद था जिसमें उन्होंने सरकार के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया था। 

  पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि  दिनेश त्रिपाठी के ए़डिटेड वीडियो से झूठी जानकारी फैलाई जा रही है।

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