सोशल मीडिया पर एक खबर शेयर की जा रही है, जिसमें पुलिस और लोगों की भीड़ नजर आ रही है। वीडियो में लोग पुलिस के साथ बहस करते हुए नजर आ रहे हैं।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके मथुरा का बताया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मथुरा में दलितों की बारात को ठाकुरों के द्वारा रोका गया। रास्ते में आग लगाकर बारात को रोकने की कोशिश की गई साथ ही साथ ही बारातियों के साथ मारपीट भी की गई।
प्रियांशु कुमार (@priyanshu__63) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “ठीक अभी खबर मिल रही है कि मथुरा के थाना जैत के बाटी गांव में ठाकुर समाज द्वारा दलित समुदाय की बारात को पीटा गया है और आगजनी की गयी है। भीम आर्मी मथुरा की टीम मौके पर पहुंच चुकी है।”
(पोस्ट का आर्काइव लिंक)
दलित टाइम्स (@DalitTime) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मथुरा में फिर रोकी गयी दलित दुल्हे की बारात, ठाकुरों ने बारातियों के साथ जमकर की मारपीट,आगजनी भी की, घटना मथुरा के थाना जैत के बाटी गांव की है…” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
इसी तरह के कई और पोस्ट आप
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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इंटरनेट पर मामले से जुड़ी हुई खबरों को खोजने की कोशिश की, लेकिन यहां हमें इस मामले से जुड़ी कोई खबर देखने को नहीं मिली। इसके बाद हमने
मथुरा पुलिस के एक्स हैंडर को खंगाला। यहां पर हमें मामले पर मथुरा पुलिस का बयान देखने को मिला।
पुलिस ने अपने बयान में बताया “सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर जिसमें दिनांक 03.03.2025 की रात थाना जैंत क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बाटी जिसमें दलित समाज की बारात को कुछ जातिवादी गुंडों ने बारात को चढ़ने से रोका व जिस रास्ते से बारात चढ़ रही थी उस रास्ते में आग जला दी गई का दावा किया जा रहा है। यह खबर असत्य व निराधार है।
अवगत कराना है कि जनपद डीग राजस्थान से ग्राम बाटी थाना जैत, मथुरा आयी बारात में कुछ बारातियों द्वारा ऑटो में बैठकर शराब पीकर खाली बोतल गांव वालों के घरों की तरफ फेंकने को लेकर गांव वालों और बरातियों में कहासुनी व झगड़ा हो गया था । दूल्हे की पिटाई एवं आगजनी की बात गलत है, न ही बारात को चढ़ने से रोका गया । वैवाहिक कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न होकर बारात अपने गन्तव्य को रवाना हुई। उक्त घटना के सम्बन्ध में तहरीर के आधार पर अपेक्षित विधिक कार्यवाही की जाएगी। कृपया घटना की पूर्ण एवं सत्य जानकारी के बिना कोई भी भ्रामक खबर पोस्ट न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि मामला का जातिवाद का रंग देकर भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।