सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मस्जिद जैसी दिखने वाली एक हरी इमारत को ध्वस्त किया जा रहा है।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड में एक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।
विक्की कोली नाम के एक फेसबुक यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “देवभूमि उत्तराखंड से सुकून वाला विडिओ प्राप्त हुआ। अब सिर्फ देवों के देव महादेव” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
बालियान (@Baliyan_x) नाम के एक एक्स यूजर ने इस पोस्ट को शेयर करके लिखा “रमजान के महीने में भाईजानो की भावनाओ का ख्याल रखने के लिए धामी जी अवैध ढाँचो को गिराने के लिए हरे बुलडोजर का प्रयोग कर रहे है। हम इस भाईचारे की भूरी भूरी प्रसंशा करते हैं।” (
पोस्टा का आर्काइव लिंक)
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से संंबंधित रिपोर्ट देखने को मिली। इस रिपोर्ट से पता चला कि यह घटना हिबिस्कस फ़ैंटेसी पुंकाक में हुई, जहां पश्चिमी जावा के गवर्नर डेडी मुल्यादी ने बिना लाइसेंस वाली इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। इस अभियान का उद्देश्य ईद से पहले प्रतिबंधित क्षेत्रों में स्थित 25 संरचनाओं को हटाना था, जिनके पास परमिट नहीं था।
इन सभी रिपोर्ट को आप
यहां,
यहां और यहां
लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
इसके अलावा हमें इंडोनेशिया के हिबिस्क फैंटेसी पुंकाक के इंस्टाग्राम पेज पर 23 जनवरी 2025 का एक वीडियो दिखाया गया था, जिसमें वायरल वीडियो में दिखाई गई इमारत को पोस्ट किया गया था।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो इंडोनेशिया के हिबिस्क फैंटेसी पुनक में एक संरचना का है। जिसे पर्यावरणीय कारणों से तोड़ा गया है।