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Fact Check: बांग्लादेश में युवकों को उल्टा लटकाकर पीटने के मामले में हो रहा सांप्रदायिक दावा फर्जी, जानें सच

Sat, 08 Mar 2025 11:45 AM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें दो युवकों को उल्टा लटका कर पीटा जा रहा है। इसे बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। BOOM ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। 

 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक शख्स को उल्टा लटकाकर पीटने का वीभत्स वीडियो बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के सांप्रदायिक दावे से वायरल है।

बूम ने अपने फैक्ट चेक में पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा फर्जी है। वीडियो ढाका के उत्तरा का है, जहां लूटपाट के आरोप में भीड़ ने नाजिम और बोकुल नाम के दो युवकों को फुटब्रिज से उल्टा लटका दिया था और उनकी बेरहमी से पिटाई की थी।

करीब डेढ़ मिनट के इस वायरल वीडियो में गुस्साई भीड़ एक शख्स को ओवरब्रिज से उल्टा लटकाकर उसके साथ मारपीट करती दिख रही है। यूजर्स पीड़ित की पहचान एक हिंदू के रूप में कर रहे हैं।

एक्स पर इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने सांप्रदायिक दावा करते हुए लिखा, '...पहले हिंदू को नंगा करके जमकर पीटा। फिर पुल पर उल्टा लटका दिया, उसपर लाठी डंडों की बौछार तबतक की बंगलादेश का हिंदू मर न गया...'

इस वीडियो में मारपीट के दृश्य शामिल हैं।

पोस्ट का आर्काइव लिंक.

फैक्ट चेक: पीड़ित के हिंदू होने का दावा गलत है

बांग्लादेश में हुई इस तरह की घटना से संबंधित कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें फरवरी 2025 की कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं। खबरों के मुताबिक यह घटना बांग्लादेश के उत्तरा में हुई, जहां नाजिम और बोकुल नाम के दो लोगों को लुटेरे होने के आरोप में भीड़ द्वारा उल्टा लटकाकर पीटा गया।

बांग्लादेश की द बिजनेस स्टैंडर्ड की 25 फरवरी 2025 की रिपोर्ट में उत्तरा पुलिस के हवाले से बताया गया, "कथित तौर पर लूटपाट के आरोप में भीड़ ने दोनों को ओवरब्रिज की छत से उल्टा लटका दिया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों को बचाया और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों संदिग्ध लुटेरों की पहचान बोकुल (40) और नाजिम (35) के रूप में हुई।"

 

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 25 फरवरी 2025 की रात करीब नौ बजे उत्तरा हाउस बिल्डिंग इलाके में बीएनएस सेंटर के सामने फुटओवर ब्रिज पर हुई। इस रिपोर्ट में भी दोनों युवकों का नाम बोकुल और नाजिम ही बताया गया।

उत्तरा पूर्व पुलिस स्टेशन के प्रभारी मो. शमीम अहमद ने बांग्ला ट्रिब्यून को बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को कुवैत बांग्लादेश मैत्री सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।

उन्होंने कहा, "शुरुआती जांच में पता चला कि उन्हें पश्चिम थाना क्षेत्र में लूटपाट की कोशिश करते समय राहगीरों द्वारा पकड़ लिया गया था। इसके बाद राहगीरों ने उन्हें फुटओवर ब्रिज पर ले जाकर उनकी पिटाई कर दी।" पुलिस के हवाले से यह भी बताया गया कि अब तक ऐसा कोई पीड़ित सामने नहीं आया जिसके साथ लूटपाट की गई।

इससे स्पष्ट है कि बांग्लादेश में बोकुल और नाजिम नामक युवकों की पिटाई के वीडियो को गलत तरीके से हिंदुओं की पिटाई का बताया जा रहा है। इससे संबंधित अन्य खबरें यहांयहांयहांयहां और यहां देखी जा सकती हैं। इन खबरों में वायरल वीडियो वाले विजुअल्स भी मौजूद हैं।

(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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