उदयपुर फाइल्स नाम की फिल्म के रिलीज होने से पहले बवाल शुरू हो गया है। यह फिल्म उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की 2022 में हुई हत्या पर आधारित है, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने 10 जुलाई 2025 को फिल्म रिलीज करने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी सहित तीन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। फिल्म पर मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध की मांग की गई थी। अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि एक घर में आग लग रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मुसलमानों ने फिल्म उदयपुर फाइल्स से जुड़े एक कलाकार के घर को जला दिया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि वीडियो असल में कोलंबिया के नाजरेथ का है, जहां स्थानीय लोगों ने 4 जुलाई 2025 को एक पुलिस थाने में आग लगा दी थी, क्योंकि पुलिस ने गलती से युलबर्ट बारबोजा नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करे दावा किया जा रहा है कि मुसलमानों द्वारा फिल्म उदयपुर फाइल्स से जुड़े एक कलाकार के घर आग लगा दी गई है।
नंदी हिंदू (@nair_nandu08) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “70 साल से हिन्दू को आतंकी दिखाने वाले एक सच्ची कहानी "उदयपुर फाइल्स" से इतना घबरा गया की उस फिल्म के कलाकार के घर आग लगा दी।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो soyelsilencioso नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 5 जुलाई 2025 को पोस्ट मिला। इस अकाउंट में बताया गया था कि यह कोलम्बियाई समाचार के बारे में जानकारी देते है। वीडियो को पोस्ट करके स्पैनिश में कैप्शन लिखा गया था “#ध्यान दें: पुलिस की कथित चूक के कारण युवक की मौत के बाद समुदाय ने पुलिस थाने में आग लगा दी। उरीबिया (ला गुआजिरा) के नाजरेथ कस्बे में एक दुखद घटना तब हुई जब पुलिस ने अपने गृहनगर लौट रहे युवक युलबर्ट बारबोजा की हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने उस ट्रक को गलत समझ लिया जिसमें वह सवार था और जिसका इस्तेमाल पुलिस पर पहले हुए हमले में किया गया था। भय और तनाव के बीच, पुलिस ने बिना पुष्टि किए युवक पर गोलियां चलाई। नतीजा एक जान चली गई। आक्रोशित शहरवासियों ने पुलिस थाने पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।”
आगे कीवर्ड से सर्च करने पर हमें एल हेराल्डो नाम की वेबसाइट पर वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट मिली। एल हेराल्डो कोलंबिया के बैरेंक्विला शहर में स्थित एक क्षेत्रीय समाचार पत्र है। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि ‘’ला गुआजिरा में उरीबिया नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में नाज़रेथ जिले में शुक्रवार, 4 जुलाई की रात से सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ गई है, क्योंकि पुलिस सबस्टेशन को जलाने सहित कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। 4 जुलाई 2025 को, ला गुआजिरा के नाज़रेथ में पुलिस ने युलबर्ट फर्नांडीज बारबोसा की गोली मारकर हत्या कर दी, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर उनकी गाड़ी को पुलिस स्टेशन पर पहले हुए हमले में इस्तेमाल की गई गाड़ी समझ लिया था। उनकी मौत से लोगों में आक्रोश फैल गया, जिससे स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी।"
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है वीडियो उदयपुर की घटना से संबंधित नहीं है बल्कि 4 जुलाई 2025 को कोलंबिया के नाज़रेथ में हुई घटना का है।