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Fact Check: 2014 के बाद से मोदी सरकार में एक भी सरकारी कंपनी नहीं बनने का दावा गलत, ये है पूरी सच्चाई

Mon, 27 May 2024 07:46 PM IST
शिवेंद्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर यह दावा बड़े स्तर पर शेयर किया जा रहा है कि भारत के इतिहास में नरेंद्र मोदी ही एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने एक भी सरकारी कंपनी नहीं बनाई। The Quint ने अपनी जांच में बताया कि वायरल दावा गलत है।
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FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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देश में समय लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं। आठ राज्यों में 25 मई को छठे दौर की वोटिंग कराई गई। इस चुनाव में तमाम दलों के समर्थक अपनी-अपनी पार्टियों के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर यह दावा बड़े स्तर पर शेयर किया जा रहा है कि भारत के इतिहास में नरेंद्र मोदी ही एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने एक भी सरकारी कंपनी नहीं बनाई या सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (PSE) को शामिल नहीं किया है।

वायरल दावे में यह भी कहा गया है कि 2014 के बाद से, केंद्र में मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले दस वर्षों में 23 सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण (या विनिवेश) किया है।

इस पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है।

(सोर्स: इंस्टाग्राम/Altered by The Quint)

एक इंस्टाग्राम यूजर की इस रील को यह रिपोर्ट लिखे जाने तक 9।4 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था।

(सोशल मीडिया पर अन्य दावों के अर्काइव आप यहां, यहां और यहां देख सकते हैं।)

क्या यह सही है?: नहीं, वायरल दावा गलत है।

2014 के बाद से भारत सरकार ने 179 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (CPSE) से विनिवेश किया है।

2014 और 2020 के बीच, सरकार ने 82 सीपीएसई को शामिल भी किया है।

द क्विंट ने सच का पता कैसे लगाया ?: 'CPSE list India' सर्च करने पर द क्विंट बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) की वेबसाइट पर पहुंचा।

  • इसमें 23 मई 2024 तक उन एंटरप्राइज का ऐतिहासिक डेटाबेस शामिल है, जिनसे भारत सरकार ने विनिवेश किया है।

  • इस डेटा को क्रोनोलॉजी के मुताबिक देखते हुए द क्विंट ने वित्त वर्ष 2014-15 से सूचीबद्ध हुई एंटरप्राइज की संख्या देखी।

  • क्रम संख्या 171 से शुरू करते हुए, द क्विंट ने देखा कि 2014 के बाद से सरकार ने जिन सार्वजनिक उपक्रमों से विनिवेश किया है, उनकी सूची क्रम संख्या 350 पर समाप्त होती है।

इससे पता चलता है कि 2014 और 2024 के बीच, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 179 सीपीएसई से विनिवेश किया है, न कि 23 से, जैसा कि दावा किया गया है।

(लिस्ट के दो स्क्रीनशॉट देखने के लिए दाएं स्वाइप करें।)

 
  • CPSE को शामिल करना: द क्विंट ने वायरल दावे के दूसरे हिस्से को लेकर इस आधिकारिक डेटा की तलाश की कि क्या पीएम मोदी के शासन के तहत कोई नया सीपीएसई शामिल नहीं किया गया था ?

  • द क्विंट की सर्च उसे सार्वजनिक उद्यम विभाग की वेबसाइट तक ले गई, जहां एक दस्तावेज में बताया गया था कि 26 जून, 2023 तक 182 सक्रिय CPSE थे।

  • 'CPSEs incorporation data' के लिए एक कीवर्ड सर्च करने पर द क्विंट को data।gov।in लिंक पर सरकारी डेटा प्लेटफ़ॉर्म पर लौटा।

  • यहां, द क्विंट को '31।3।2020 तक विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के तहत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम' टाइटल वाले पेज पर 2014 से 2020 तक का प्रासंगिक डेटा मिला।

  • इस डेटा को हालिया डेटा से सबसे पुराने तक मिलाने पर, द क्विंट ने देखा कि 2014 और 2020 के बीच, सरकार ने 82 नए CPSE को शामिल किया था।

82 सूचीबद्ध PSE हैं जिन्हें 2014 और 2020 के बीच शामिल किया गया था.

(सोर्स: Data.gov.in/Screenshot)

यह सबसे ताजा आधिकारिक डेटा है।

(सोर्स: Data.gov.in/Screenshot)

निष्कर्ष: वायरल दावा गलत है, पीएम मोदी के शासन के तहत, सरकार ने 82 नए सीपीएसई (CPSE) को शामिल किया है।

(This story was originally published by The Quint as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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