रविवार को फ्रांस में संसदीय चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान कराया गया। मतदान के बाद आए नतीजों में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी रेनेसां को बड़ा झटका लगा है। इस चुनाव में वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट (एनएफपी) ने सबसे अधिक सीटें जीत ली हैं। मरीन ले पेन की दक्षिणपंथी पार्टी दूसरे और राष्ट्रपति मैक्रों की पार्टी रेनेसां तीसरे स्थान पर रही। इन नतीजों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल है। वीडियो को साझा कर यूजर दावा कर रहे हैं कि पेन की हार के बाद पेरिस स्मारक पर चढ़कर मुस्लिमों ने जश्न मनाया।
दावा
सोशल मीडिया एप एक्स पर वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि झंडे और बैनर लिए कुछ लोग एक स्मारक पर चढ़कर नारेबाजी कर रहे हैं। वीडियो शेयर कर यूजर्स ने इसे फ्रांस चुनाव 2024 के नतीजों से जोड़ा है। सुनंदा रॉय नाम की वेरिफाइड एक्स यूजर ने वीडियो साझा कर लिखा, 'फ्रांस ब्रिटेन की राह पर चल रहा है। दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन फ्रांस के चुनाव हार गईं। अब फ्रांस पर वामपंथी पार्टी का शासन होगा, इसका मतलब है कि वहां जल्द ही इस्लामिक खिलाफत आने वाली है। फ्रांस बर्बाद हो गया है। RIP फ्रांस।'
हेमंत खुरखुरिया नाम के एक एक्स यूजर ने भी इसी कैप्शन के साथ वीडियो साझा किया है। अन्य सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो कुछ ऐसे ही कैप्शन के साथ वायरल हो रहा है।
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें इससे संबंधित कई ट्वीट मिले। रिजल्ट में मिले कई ट्वीट 2023 के भी थे। यहां से हमें यह संकेत मिल गया कि वायरल वीडियो पुराना है।
पड़ताल के क्रम को आगे बढ़ाने पर हमें इंफोमाइग्रेंट्स वेबसाइट पर एक खबर मिली जो 18 मार्च, 2019 को प्रकाशित हुई थी। इस खबर के मुताबिक, अल्जीरियाई अप्रवासी 17 मार्च, 2019 को फ्रांस की राजधानी पेरिस के मध्य में प्लेस डे ला रिपब्लिक में एकत्र हुए थे। ये लोग राष्ट्रपति अब्देल अजीज की पांचवीं बार राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी और उनके वर्तमान राष्ट्रपति कार्यकाल का विस्तार करने के खिलाफ विरोध कर रहे थे।
पड़ताल को और अधिक पुष्ट करने के लिए हमने 'फ्रांस', 'अल्जीरियन माइग्रेंट,' 'प्रोटेस्ट' जैसे कीवर्ड्स इंटरनेट पर सर्च किया। इसके परिणामस्वरूप हमें
वाइस ऑफ अमेरिका,
डीडब्ल्यू जैसी वेबसाइट पर ऐसी ही खबरें मिलीं।
पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से साफ है कि यह दावा कि दक्षिणपंथी नेता पेन की हार के बाद पेरिस स्मारक पर चढ़कर मुस्लिमों ने जश्न मनाया, पूर्ण रूप से गलत है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो कम से कम पांच साल पुराना है जिसका 2024 में हुए फ्रांस के संसदीय चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।