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Fact Check: मुंबई की हाजी अली दरगाह में जय श्री राम के नारे लगाने का दावा फर्जी, पढ़ें पड़ताल

Mon, 03 Mar 2025 05:55 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक दरगाह में जय श्री राम के नारे लगाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह  वीडियो मुंबई की हाजी अली दरगाह का है। BOOM ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। 
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक दरगाह के अंदर जय श्री राम के नारे लगाने का वीडियो वायरल है। इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म छावा देखने के बाद हिंदुवादी कार्यकर्ताओं ने हाजी अली दरगाह में नारे लगाए।

बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो महाराष्ट्र के ठाणे के कल्याण स्थित हाजी मलंग दरगाह का है। यहां 12 फरवरी 2025 को उर्स के दौरान हिंदुवादी संगठन के लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए और पूजा पाठ किया था।

वीडियो में एक दरगाह के अंदर कुछ लोग भगवा झंडा पकड़े नजर आ रहे हैं और जय श्री राम के नारे लगा रहे हैं। इसके अलावा ये लोग वहां पूजा पाठ करते भी दिख रहे हैं।

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क्या है दावा 
वायरल वीडियो को शेयर करते हुए एक एक्स यूजर ने लिखा, 'फिल्म छावा देखने के बाद, क्रोधित सनातनी हाजी अली में घुस गए, भारत का हिंदू जाग चुका हैं अब.' (आर्काइव लिंक)

फेसबुक पर एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'थियेटर में फिल्म छावा देखने के बाद शो खत्म होने पर सभी लोग हाजी अली में दाखिल हुए। महाराष्ट्र मुंबई के हिंदू मराठे जाग चुके हैं अब.' (आर्काइव लिंक)

 

 

दावे की सत्यता की जांच के लिए बूम को टिपलाइन (7700906588) पर भी यह वीडियो प्राप्त हुआ था।

फैक्ट चेक
फिल्म छावा देखने के बाद मुंबई की हाजी अली दरगाह में जय श्री राम के नारे लगाने का दावा गलत है। वायरल वीडियो ठाणे स्थित हाजी मलंग दरगाह का है।

वायरल वीडियो हाजी मलंग दरगाह का है

वायरल वीडियो के कमेंट सेक्शन में कई यूजर ने वीडियो को हाजी मलंग दरगाह से संबंधित बताया। यहां से संकेत लेकर संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें गूगल पर 15 फरवरी 2025 को प्रकाशित Zee सलाम की वेबसाइट पर एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि हाजी मलंग दरगाह के वायरल वीडियो में कुछ लोग जय श्री राम के नारे लगाते दिखे।

हालांकि खबर में इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि वीडियो कितना पुराना है। खबर में एक पोस्ट भी एंबेड है जिसमें दरगाह के बाहर लोग 'हे भवानी शक्ति दे मलंग गड को मुक्ति दे' और 'जय श्री राम' बोलते नजर आ रहे हैं।

बूम को एक्स पर कीवर्ड की मदद से lallanpost नाम के मीडिया आउटलेट का 14 फरवरी 2025 का एक पोस्ट मिला। इसमें वायरल वीडियो वाले फुटेज मौजूद थे। इसी के साथ वीडियो में एक इंस्टाग्राम यूजर की आईडी @atish_Mhatre_25 नजर आ रही है।

हम इस यूजर के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर पहुंचे जहां 12 फरवरी 2025 को अपलोड किया गया वीडियो मिला। इसके कैप्शन में मराठी भाषा में लिखा था, 'मचिंद्रनाथ महाराज की आरती।'

हमने पाया कि यह अकाउंट वायरल फुटेज में सेल्फी कैमरे पर वीडियो बना रहे शख्स की ही है जिसका नाम आतिश म्हात्रे है।

आगे हमने वायरल वीडियो और आतिश म्हात्रे के इंस्टा रील की तुलना हाजी मलंग दरगाह की तस्वीरों से की और पाया कि तीनों फुटेज एक ही जगह की हैं

हमारी पड़ताल से यह स्पष्ट है कि वीडियो हाजी मलंग दरगाह का है और फिल्म छावा की रिलीज (14 फरवरी) से पहले से इंटरनेट पर उपलब्ध है।

आगे हमें यह भी जानकारी मिली कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) के मौके पर यहां दर्शन किए थे।

दरगाह को लेकर क्या है विवाद

हाजी मलंग दरगाह माथेरान की पहाड़ियों पर मलंगगढ़ किले के पास स्थित है। यह दरगाह यमन के 12वीं शताब्दी के सूफी संत हाजी अब्द उल रहमान की है जिन्हें आसपास के लोग हाजी मलंग बाबा के नाम से भी पुकारते हैं। हालांकि दक्षिणपंथी समूह का दावा है कि यह दरगाह असल में नाथ संप्रदाय के संत मछिंद्रनाथ की समाधि स्थल है. ऐसे में यहां दोनों धर्म के लोग आकर दर्शन करते हैं।

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(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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