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Fact Check: यूपी में दुकान में 300 ईवीएम मशीनें मिलने का दावा फर्जी, जानें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का सच

Tue, 30 Jan 2024 09:19 PM IST
शिवेंद्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक दुकान से 300 ईवीएम मशीनें मिली हैं। वीडियो 2019 लोकसभा चुनाव का है। अब इसे फर्जी दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 
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ईवीएम फैक्ट चेक - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश में कुछ ही महीनों में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में अधिकारियों ने कुछ राज्यों का दौरा भी किया है। इस बीच उत्तर प्रदेश के चंदौली में ईवीएम मिलने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। 
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क्या है दावा? 
सोशल मीडिया पर ईवीएम का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो को इस कैप्शन के साथ वायरल किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक दुकान से 300 ईवीएम मशीनें मिली हैं। वीडियो को कई वेरिफाइड एक्स यूजर ने भी पोस्ट किया है। 
 
 

हमारी पड़ताल 
अपनी पड़ताल के क्रम में हमें चमौली जिलाधिकारी का एक ट्वीट मिला जिसमें वायरल वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण दिया गया था। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि प्रकरण की जांच की गई है। यह वीडियो वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान का है। उस समय VVPAT को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिफ्ट किया गया था। किसी प्रकार से कोई अनियमित कार्य नहीं हुआ था।
 

जिलाधिकारी ने पोस्ट में लिखा कि वीडियो में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हैं और शांति से कार्य को देख रहे हैं और वीडियो भी बना रहे है। अतः यह ट्वीट नितांत भ्रामक है जिसे केवल शरारत करने के उद्देश्य से किया गया है। इस प्रकार के कृत्य से निर्वाचन की प्रक्रिया में प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

अंत में जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि एक्स हैंडल के ऑपरेटर पर कानूनी कार्यवाही भी की जा रही है।

इसके अलावा वीडियो के संबंध में चंदौली पुलिस ने भी बयान जारी किया है। पुलिस ने चेतवानी देते हुए कहा कि ऐसी किसी भी भ्रामक खबर को न फैलाये नहीं तो सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
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पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से स्पष्ट है कि दुकान से ईवीएम मिलने का दावा भ्रामक है। घटना करीब पांच साल पुरानी है और उस समय VVPAT को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शिफ्ट किया गया था।
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