सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल है, जिसमें दावा किया गया है कि माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ बिल गेट्स ने वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का दौरा किया। कुछ यूजर्स इस वीडियो को प्रयागराज के महाकुंभ मेले से जोड़कर भी शेयर कर रहे हैं।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि वीडियो में दिख रहा यह व्यक्ति बिल गेट्स नहीं है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के मीडिया विभाग ने भी वायरल दावे को गलत बताया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते दावा किया, “दुनिया के सबसे अमीर आदमी बिल गेट्स बाबा काशी विश्वनाथ की शरण में पहुंचे।” इस पोस्ट को अब तक 950k से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और कई यूजर्स इसे सच मानकर लाइक, कमेंट और शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का
लिंक,
आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

सोशल मीडिया पर एक अन्य यूजर ने इस वीडियो को महाकुंभ मेले से जोड़ते हुए शेयर किया और लिखा, “प्रौद्योगिकी और आध्यात्म महाकुंभ मेला 2025 में बिल गेट्स” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने सबसे पहले संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान पीटीआई को ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की वेबसाइट पर वायरल वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट मिली। इसमें बताया गया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति बिल गेट्स नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो पुराना है और दिसंबर 2024 से इंटरनेट पर उपलब्ध है। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
जांच को आगे बढ़ाते हुए डेस्क ने वीडियो के 'की-फ्रेम्स' को गूगल लेंस के जरिए रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें दिसंबर 2024 में कई यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो मिला, जिसमें दावा किया गया था कि बिल गेट्स बनारस आए थे। चूंकि महाकुंभ मेला 13 जनवरी 2025 को शुरू हुआ था, इसलिए एक बात तो साफ है कि यह वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है। इन वीडियो का यहां, यहां और यहां क्लिक कर देखें।

जांच के दौरान, डेस्क ने वायरल वीडियो में दिख रहे मंदिर को गूगल मैप की मदद से जियोलोकेट किया और पाया कि वीडियो में दिख रहा यह मंदिर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए डेस्क ने बिल गेट्स के सोशल मीडिया हैंडल को भी खंगाला, लेकिन उनकी हाल की भारत यात्रा से जुड़ी ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली। गेट्स नोट्स डॉट कॉम के मुताबिक, बिल गेट्स आखिरी बार मार्च 2024 में भारत आए थे और उस समय उन्होंने भारत यात्रा के अपने अनुभव के बारे में एक ब्लॉग भी लिखा था। पूरा ब्लॉग यहां क्लिक कर पढ़ें।
पड़ताल के अंत में डेस्क ने ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ से ईमेल के जरिये संपर्क किया। उनके मीडिया विभाग ने ईमेल के जवाब में पीटीआई फैक्ट चेक को बताया, ‘वायरल दावा फर्जी है’।
पड़ताल का नतीजा
हमारी अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स बिल गेट्स नहीं है। ‘मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ के मीडिया विभाग ने भी वायरल दावे को गलत बताया।
(This story was originally published by
PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)