पाकिस्तान के द्वारा चलाए जा रहे कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल अनिल चौहान का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में वह कहते हुए सुने जा सकते है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के सात लड़ाकू विमान मारे गए थे। वीडियो को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की हार बताकर शेयर किया जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि यह वीडियो डिजिटल अल्टर्ड है मतलब की वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके इसे बनाया गया है। इस वीडियो के जरिए पाकिस्तान के कुछ अकाउंट ऑपरेशन सिंदूर के बारे में झूठी जानकारी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कैपस्टोन सेमिनार में अपने असली भाषण में, जनरल चौहान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।
क्या है दावा
जनरल अनिल चौहान का एक डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि उन्होंने माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के सात लड़ाकू विमान मारे गए थे।
एस सुरिंदर (@KhalsaVision_) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “भारतीय सीडीएस अनिल चौहान के अनुसार, भारत ने 7 लड़ाकू विमान (4 राफेल) खो दिए और युद्ध विराम की मांग की क्योंकि "हिंदू धर्म शांति का प्रतीक है।" तो क्या भारत युद्ध हार गया?" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने पहले वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो 25 जुलाई को एअनआई पर एक लाइव स्ट्रीम में मिला। इसमें कैप्शन लिखा गया था “चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान का कैपस्टोन सेमिनार में संबोधन | भारतीय वायु सेना” यहां जनरल अनिल चौहान का भाषण मौजूद था। इस भाषण में कहीं भी अनिल चौहान ने सात लड़ाकू विमान के मारे जाने की बात नहीं कही थी। बल्कि वह अपने भाषण में इस बात पर जोर दे रहे थे कि आज के सैन्य पेशेवर में एक विद्वान योद्धा, तकनीकी योद्धा और सूचना योद्धा के गुण होने चाहिए।
आगे हमें सरकार की
नोडल एजेंसी पीआईबी पर भी इस वीडियो भ्रामक बताते हुए एक पोस्ट मिला। यहां बताया गया था कि एक एडिट किया हुआ वीडियो ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान को 7 जेट विमानों के नुकसान की बात स्वीकार करते हुए और यह कहते हुए दिखाया गया है कि भारत ने युद्ध विराम की मांग की थी। पीआईबी ने बताया कि यह एक AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो है। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
आगे हमने वीडियो के एआई से बने होने का पता लगाने के लिए एआई डिटेक्शन टूल का कैंटिलुक्स का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वीडियो के एआई से बने होने की संभावना काफी अधिक जताई।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि जनरल अनिल चौहान का AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो शेयर किया जा रहा है।