बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से ही हालात खराब हो रखें है। इसके चलते आए दिन बांग्लादेश से कुछ लोगों के बॉर्डर पार करने की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में एक और ऐसी ही खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दावा है कि बांग्लादेश का बॉर्डर पार करते समय एक लड़की की गोली लगने से मौत हो गई।
क्या है दावा
दावा किया जा रहा है कि 16 साल की एक बांग्लादेशी हिंदू लड़की स्वर्ण दास अपने माता पिता के साथ बॉर्डर पार कर रही थी। बॉर्डर पार करते समय बीएसएफ के जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में स्वर्ण की मौत हो गई।
तमजीदुल हक (@TamjidulH24v2) नाम के एक एक्स यूजर ने ढाका ट्रिब्यून की खबर को शेयर करते हुए लिखा “मौलवीबाजार में कुलौरा सीमा पर भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की गोलीबारी में एक बांग्लादेशी किशोरी की मौत हो गई। मृतक का नाम स्वर्णा दास 14 वर्ष है। (ढाका ट्रिब्यून)”
इमतेयाज (@_imtiaz1899) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “स्वर्ण दास, एक हिंदू किशोर, भारतीय सीमा सुरक्षा बल BSF द्वारा मारा गया”
BringingJusticetoYou (@JusticeBengal) नाम के एक यूजर ने लिखा “फिर से!!! मौलवीबाजार के पास बीएसएफ की गोलीबारी में बांग्लादेशी किशोर की मौत हो गई। भारतीय अधिकारियों ने अभी तक मृतक किशोर का शव नहीं सौंपा है।”
पड़ताल
इस खबर की पड़ताल करने के लिए हमने स्वर्ण दास’, ‘16 वर्ष’, ‘बीएसएफ’, ‘बांग्लादेश’ जैसे कुछ कीवर्ड को गूगल पर सर्च किया। गूगल पर हमें इस घटना से जुड़ी कई खबरें मिली। “
टाइम्स ऑफ इंडिया” की खबर के मुताबिक ‘बार्डर गार्ड बांग्लादेश’ ने 16 साल की बांग्लादेशी लड़की को उस समय गोली मार दी जब वो अपने माता पिता के साथ त्रिपुरा में घुसने की कोशिश कर रही थी।
खबर के मुताबिक बीएसएफ को उनाकोटी जिले के कैलाशहर से भारत-बांग्लादेश सीमा के जीरो पॉइंट के पास स्वर्ण दास का शव बरामद किया। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लड़की का शव परिवार को सौंप दिया गया है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि 16 वर्षीय लड़की को ‘बीएसएफ’ ने गोली नहीं मारी है बल्कि ‘बार्डर गार्ड बांग्लादेश’ ने गोली मारी है।