सोशल मीडिया पर महालक्ष्मी के मर्डर की कहानी काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोपी ने महालक्ष्मी का मर्डर करके उसके शरीर के 59 टुकड़े करके उसे फ्रिज में रख दिया था।
क्या है दावा
एक्स पर ये खबरें सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि महालक्ष्मी का अशरफ नाम के आदमी के साथ संबंध था जिसने उसे मार कर उसके शरीर के टुकड़े कर दिए।
विनीत भार्गव HINDU (@Vineetbhargava9) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “महालक्ष्मी - अशरफ, इसका भी अब्दुल अलग था..ये बेंगलोर में 32 हिस्सों में मिली है,,, एक फ्रिज में,,,यदि पहले कुछ कहते इसको तो ये अंधभक्त बोलकर ब्लॉक कर देती ।।। अपने विचार ज़रूर प्रकट करें”
देबोज्योति दासगुप्ता (@tisDev) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “महालक्ष्मी हेमंत दास से खुशहाल शादीशुदा थीं और उनकी एक बेटी भी थी। एक दिन अशरफ उनकी जिंदगी में आया और उन्होंने उसके लिए सब कुछ छोड़ दिया। वह अशरफ के साथ करीब एक साल तक रह रही थीं, उसके बाद उसने उन्हें मार डाला और काट डाला। चाहे श्रद्धा वलकर हों या महालक्ष्मी, दोनों ने ही अपने परिवार को "हरे-भरे चरागाहों" के लिए छोड़ दिया।”
पड़ताल
खबर की पड़ताल करने पर हमने
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला का परिवार वालों ने चार लोगों पर शक जताया है, जो बेंगलुरु में ही रहते थे। इनमें मुक्ति राजन, शशिधर, सुनील और अशरफ शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मुक्ति राजन ने आत्महत्या कर ली है और उसने सुसाइड नोट ने अपना जुर्म भी कबूल किया है। नोट के अनुसार, राजन ने अपने डेथ नोट में जिक्र किया है कि उसने 3 सितंबर को महालक्ष्मी की हत्या कर दी थी। राजन ने लिखा कि 3 सितंबर को जब वह महालक्ष्मी के घर गया तो उसने यह जुर्म किया। 'निजी मामलों पर उनसे झगड़ा हुआ था। फिर उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया, जिससे मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उन्हें मार डाला। इसके बाद मैंने इसके 59 टुकड़े बनाकर फ्रिज में रख दिए।' हालांकि, पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि दावा भ्रामक तरीके से वायरल किया जा रहा है।