सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एमिरेट्स के एक विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हो रही है। विमान रनवे पर उतर रहा है और उसके चारों तरफ धुंआ धुंआ दिखाई दे रहा है। थोड़ी देर में विमान पूरी तरह से धुएं से ढक जाता है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान विमान ने नियंत्रण खो दिया और उसे सुरक्षित किसी तरह टैक्सी किया गया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि हाल में एमिरेट्स के किसी भी विमान का इमरजेंसी लैंडिंग नहीं हुई है। एआई के माध्यम से बने वीडियो को शेयर करके झूठा दावा किया जा रहा है। इस वीडियो में किसी भी तरह की सच्चाई होने की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट हमें नहीं मिली।
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एमिरेट्स के एक विमान का आपातकालीन लैंडिंग कराई गई है। साथ ही इसे सुरक्षित पार्क करवा लिया गया है।
@Aloys-Phere नाम के एक यूट्यूब चैनल ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “लैंडिंग के दौरान विमान का नियंत्रण खो गया, आखिरकार सुरक्षित पार्क हुआ" #विमान का नियंत्रण खो गया” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे का पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले की कीवर्ड के माध्यम से एमिरेट्स के किसी विमान का इमरजेंसी लैंडिंग होने की घटना के बारे में जांच की। यहां हमें इससे जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट मिली, जिसमें इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। लेकिन किसी भी रिपोर्ट में वायरल वीडियो मौजूद नहीं था।
अगें हमने वीडियो को ध्यान से देखा। यहां हमें वायरल हो रहे वीडियो और एमिरेट्स विमान दोनों में कुछ अंतर दिखाई दिए। यहां हमें दोनों विमान पर दिख रहे लोगो में भी फर्क दिखा। वीडियो को ध्यान से देखा, तो हमने पाया कि वायरल वीडियो में एमिरेट्स की स्पेलिंग गलत है। जो सामान्य तौर पर एआई से बने हुए वीडियो में नजर आता है। टेल पर डिजाइन भी संदिग्ध लग रहा था, क्योंकि यह एमिरेट्स की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध तस्वीरों से मेल नहीं खाता था।
आगे हमें वीडियो को एक AI डिटेक्टर हाइव मॉडरेशन पर सर्च किया। यहां हमें वीडियो को 99.3% एआई से बने होने की जानकारी मिली।
आगे हमने कैंटिलुक्स पर इस वीडियो को सर्च करके देखा। यहां भी इस वीडियो के एआई से बने होने की संभावना काफी अधिक मिली।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो एआई से बना हुआ है इसमें किसी भी तरह की कोई सच्चाई नहीं है।