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Fact Check: एआई से बना है लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई का सशस्त्र बलों का राजनीतिकरण करने की आलोचना का वीडियो

Sat, 25 Oct 2025 05:34 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा है कि अगर सशस्त्र बलों में भगवाकरण राजनीति होगी तो इससे बल का मनोबल कमजोर होगा। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में हमें लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई कुछ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अगर सशस्त्र बलों में भगवाकरण या राजनीतिकरण होगा तो इससे बल का मनोबल कमजोर होगा।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में हमने वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से निर्मित है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा है कि अगर सशस्त्र बलों में भगवाकरण या राजनीतिकरण होगा तो इससे बल का मनोबल कमजोर होगा।

बाबा थोका (@Baba_Thoka) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “ताजा खबर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (सेवानिवृत्त) ने भाजपा और नरेंद्र मोदी की राजनीति की कड़ी आलोचना की और चेतावनी दी कि भारतीय सशस्त्र बलों का किसी भी तरह का भगवाकरण या राजनीतिकरण मनोबल को तोड़ देगा। हम भारतीय सेना को हिंदुत्व के अधीन करने के सभी प्रयासों का विरोध करेंगे ।" पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां  देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें रिपब्लिक वर्ल्ड की रिपोर्ट मिली। यह  वीडियो 18 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। इसके साथ ही कहा है कि भारत भविष्य के किसी भी संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। यहां हमें कहीं भी राजीव घई सशस्त्र बलों में भगवाकरण या राजनीतिकरण के बारे में कुछ बोलते हुए नजर नहीं आए। 

इसके बाद हमें पीआईबी फैक्ट चैक की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 23 अक्तूबर 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में वायरल दावे को गलत बताया गया है। पोस्ट में लिखा है, ”पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई का एक डिजिटल रूप से संशोधित वीडियो झूठे दावों के साथ प्रसारित कर रहे हैं। इसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कहा था कि भारतीय सशस्त्र बलों का राजनीतिकरण या भगवाकरण सेना के मनोबल को नुकसान पहुंचाएगा।”

इसके बाद हमने वीडियो को हाइव एआई टूल पर वीडियो सर्च किया। टूल ने वायरल वीडियो को 96.6 फीसदी एआई से बनने होनी की जानकारी दी। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में हमने वायरल वीडियो को एआई से निर्मित पाया है। 

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