सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार (3 अप्रैल) को तेलंगाना सरकार को कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र में खतरनाक वन कटाई गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया। इस बीच एक तस्वीर हमें सोशल मीडिया पर देखने को मिली। इस फोटो में एक जंगल में बहुत सारे बुलडोजर नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही हिरण मोर भागते हुए नजर आ रहे हैं।
इस फोटो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह हैदराबाद विश्वविद्यालय के पास 400 एकड़ का हरा-भरा जंगल है, जहां उस जंगल की कटाई चल रही है। मासूम जानवर इधर-उधर भाग रहे हैं। जंगलों को जबरन काटे जाने का दावा किया जा रहा है, साथ ही जानवरों को जबरदस्ती जंगल से भगाने का भी दावा इसमें किया जा रहा है।
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह फोटो एआई की मदद से बनाई गई है। यह तस्वीर असली नहीं है। आपको बता दे कि तेलंगाना सरकार ने फरवरी में घोषणा की कि वह हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) से सटे लगभग 400 एकड़ वन भूमि को आईटी पार्क बनाने के लिए नीलाम करने की योजना बना रही है। इस निर्णय के बाद से बड़े पैमाने पर छात्र विरोध प्रदर्शन हुए हैं और अब देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को हमने सबसे पहले फेसबुक पर देखा। इसे अलग-अलग यूजर्स द्वारा शेयर किया जा रहा था।
सागर बैनर्जी नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस कई फोटो के साथ इस फोटो को भी शेयर किया। फोटो शेयर करके हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के आसपास के जंगलों को नष्ट करने की बात लिखी गई थी।
इस फोटो के साथ कैप्शन लिखा गया था “इस तस्वीर ने मेरा दिल तोड़ दिया है। यह मेरी मातृसंस्था HCU (हैदराबाद विश्वविद्यालय) है जहाँ वनों की कटाई चल रही है। मासूम जानवर इधर-उधर भाग रहे हैं।”
इस पोस्ट का
लिंक और
आर्काइव लिंक
आगे हमें इस फोटो को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर कई और इसी तरह के दावे देखने को मिले। successpath22 नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल से लिखा गया “तेलंगाना के हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU) से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां 400 एकड़ का हरा-भरा जंगल - जिसमें हिरण, मोर और अनगिनत अन्य जंगली जानवर रहते हैं - को बेरहमी से JCB से नष्ट किया जा रहा है। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU) के छात्र कांचा-गाचीबोवली जंगल की नीलामी का विरोध कर रहे हैं, जिससे शहर के वनस्पतियों और जीवों, जिनमें लुप्तप्राय प्रजातियाँ भी शामिल हैं, को गंभीर खतरा है।” (पोस्ट का
लिंक और
आर्काइव लिंक)
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने फोटो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें किसी भी विश्वसनीय स्रोत पर इस तरह की कोई फोटो देखने को नहीं मिली। इसके बाद हमने इस तस्वीर को ध्यान से देखा पक्षी के पंख में महत्वपूर्ण गड़बड़ी और एक हिरण के पैरों की विकृत जैसी कुछ सामान्य गलतियां हमें यहां देखने को मिली।
इस फोटो के बारे में और ज्यादा जानने के लिए हमने हाइव मॉडरेशन पर इस फोटो को जांचा। हाइव एआई के माध्यम से बनी तस्वीरों का पता लगाने का काम करता है। इस टूल ने वायरल हो रही तस्वीरे का एआई से बने होने की 99.4% संभावना जताई।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि फोटो को एआई के माध्यम से बनाया गया है।