सार
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है उत्तर प्रदेश में पुलिस ने एक व्यक्ति की पिटाई की है, जिसके बाद से वह अपनी आपबीती सुना रहा है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति रोते हुए किसी से बात करते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश का है, जहां पुलिस की पिटाई के बाद से एक व्यक्ति अपनी आपबीती सुना रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो आठ महीने पुराना और बिहार का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उप्र पुलिस की पिटाई के बाद से एक व्यक्ति अपनी आपबीती सुना रहा है।
अजय तिवारी नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा “योगी जी कुछ स्वागत किया मु** से सुन लीजिए भक्तो चमचों के भाई की कुटाई हुई है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें बिहार तक की रिपोर्ट मिली। यह वीडियो में 4 फरवरी 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मधुबनी के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र में मोहम्मद फिरोज के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद तेजस्वी यादव उनसे मिलने पहुंचे, इस दौरान तेजस्वी को देख फिरोज मौलाना फूट-फूट कर रोए।

आगे की पड़ताल में हमें एबीपी न्यूज की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 5 फरवरी 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार के मधुबनी में पुलिस पर आरोप लगा कि वाहन चेकिंग के क्रम में मो. फिरोज नाम के शख्स को पीटा गया। इतना पीटा गया कि जख्म देखने के लिए खुद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मधुबनी के बेनीपट्टी पहुंच गए। हालांकि पुलिस का कहना था कि वाहन जांच के क्रम में मो. फिरोज भागने लगे थे। पुलिस ने इसलिए पकड़ा था।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को बिहार का पाया है। इस वीडियो का उत्तर प्रदेश से कोई संबंंध नहीं है।