बिहार चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति दूसरे शख्स को जूते की माला पहनाते हुए नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो बिहार का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो सात साल पुराना मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बिहार में एक नेता को एक शख्स जूतों की माला पहना रहा है।
मोनी सिंह नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा “बिहार चुनाव में रुझान आना चालू हो गया है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें समाचार एजेंसी एएनआई के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 7 जनवरी 2018 को साझा की गई है। पोस्ट में बताया गया है कि मध्यप्रदेश के धार के धामनोद में भाजपा उम्मीदवार दिनेश शर्मा को एक व्यक्ति ने जूतों की माला पहना दी, जब वह निकाय चुनाव के लिए घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे।

इसके बाद हमेंं एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 8 जनवरी 2018 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार कर रहे एक भाजपा उम्मीदवार का स्वागत जूतों की माला से किया गया।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को सात साल पुराना और मध्यप्रदेश का पाया है।