सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें नदी के किनारे बड़ी संख्या में कछुओं का झुंड निकलता हुआ दिखाई दे रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके महाकुंभ का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ के खत्म होते ही किनारे पर बड़ी संख्या में कछुए निकल आए हैं।
अभय राजपूत नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “कुंभ मेला खत्म होने के बाद” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
सुकून नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “कुंभ मेला खत्म होने के बाद गंगा नदी के किनारे लाखों की संख्या मे कछुए की भीड़ इकट्ठी हो गई।” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
विकास सिंह नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “कुंभ मेला खत्म होने के बाद l दिखी कछुओं की लाखों में भीड़।” (
पोस्ट का आर्काइ लिंक)
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यहां हमें
कुश एन व्लॉग नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इस वीडियो को उड़ीसा का बताया गया था। इस वीडियो को 26 फरवरी 2025 को प्रकाशित किया गया था।
आगे हमने इस वीडियो की और पड़ताल करने के लिए कीवर्ड का सहारा लिया। यहां हमें
द प्रिंट की एक खबर मिली। इस खबर में बताया गया था कि “23 फरवरी ओडिशा के गंजाम जिले में रुशिकुल्या नदी के मुहाने पर 6.82 लाख से अधिक लुप्तप्राय ओलिव रिडले कछुआ अंडे देने के लिए एकत्रित हुए हैं। वन प्रभागीय अधिकारी (डीएफओ) सनी खोखर ने कहा, ‘‘अब तक 6.82 लाख ओलिव रिडले कछुए समुद्र तट पर अंडे दे चुके हैं। पिछले साल कुल 6.37 लाख कछुए अंडे देने तट पर पहुंचे थे।’’
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है वीडियो महाकुंभ का नहीं बल्कि उड़ीसा का है। जिसमें भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।