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Fact Check: एक साल पुराने वीडियो को बंगाल एसआईआर से जोड़कर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Mon, 24 Nov 2025 09:59 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि  बंगाल में एसआईआर की प्रकिया शुरू होने के बाद से बड़ी संख्या में लोग यहां से जा रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसआईआर को लेकर बंगाल में सियासत जोरों पर है। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी सरकार ने वोट के लिए बड़े पैमाने पर घुसपैठ होने दी। वहीं, टीएमसी ने कहा कि- केंद्र असुरक्षित समुदायों को डरा रही है और एसआईआर को हथियार बना रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक रेलवे लाइन पर बड़ी संख्या में लोग नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बंगाल में एसआईआर की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां से जा रहे हैं। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है, जिसे एसआईआर से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एसआईआर की वजह से हजारों लोग बंगाल छोड़कर जा रहे हैं।  

किरण1649 नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा “ बंगाल में एसआईआर  शुरू होते ही बांग्लादेश क्यों भाग रहे हैं घुसपैठिए“? पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें अनिमेष हलदर नाम के फेसबुक यूजर के पेज पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 23 दिसंबर 2024 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि डायमंड हार्बर लोकल ट्रेनें आज दक्षिण 24 परगना के मगराहाट में 'इज्तेमा' की भीड़ के बीच से गुजर रही हैं।

आगे की पड़ताल में हमें एम. एस स्टार नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से मिलता एक वीडियो मिला। यह वीडियो 23 दिसंबर 2024 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है मगराहाट इज्तेमा 2024।

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो एक साल पुरान है। वहीं, बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया अभी शुरू हई है। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एक साल पुराना पाया है। 

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