सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रोती हुई कुछ महिलाएं एक पत्रकार से बात करती हुई नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के बीच इस वीडियो को शेयर कर दावा किया गया है कि यहां कुछ लड़कों ने एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि वायरल वीडियो हाल की घटना का नहीं बल्कि पांच साल पुराना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई घटना के पांच साल पुराने वीडियो को हाल का बताकर भ्रम फैला रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक यूजर ने 14 फरवरी को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “रोज 7-8 लड़के आते हैं और हमारे घरों के बाहर खड़े रहते हैं, वे एक लड़की को उठाते हैं और उसके साथ सामूहिक बलात्कार करते हैं। पुलिस अधिकारी ठाकुर है, वह FIR दर्ज करने से इंकार कर देता है क्योंकि आरोपी उसी समुदाय से हैं। यह घटना फिल्म नहीं बल्कि राम राज्य यूपी के इलाहाबाद की है।”
इस वीडियो को अब तक 4 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और कई यूजर्स इसे हाल की घटना समझकर लाइक, कमेंट और शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल
गूगल लेंस की मदद से वायरल वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को रिवर्स इमेज सर्च करने पर, डेस्क को ‘𝐕𝐚𝐧𝐬𝐡’ नामक यूजर के अकाउंट पर यह वीडियो मिला।
यूजर ने 15 जनवरी 2020 को इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया था। इससे एक बात तो साफ हो जाती है कि यह मामला अभी का नहीं बल्कि पुराना है। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

आगे की जांच में डेस्क को डीसीपी यमुना नगर प्रयागराज के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर स्पष्टीकरण मिला। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक यूजर की पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए वीडियो को पुराना बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “उक्त प्रकरण 05 वर्ष पुराना है। जिसमें थाना मेजा में अभियोग पंजीकृत है। घटना से संबंधित समस्त अभियुक्तगणों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कृपया पुरानी घटना को नए रिफ्रेंस में न चलाए।” पोस्ट का लिंक यहां क्लिक कर देखें।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर गूगल सर्च करने पर पीटीआई को 10 जनवरी 2020 को लाइव हिंदुस्तान की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। इसमें बताया गया कि मामला प्रयागराज के लेहड़ी गांव का है।
उस समय लाइव हिंदुस्तान की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, लेहडी गांव के डोगरी में एक लड़की के अपहरण का मामला सामने आया था। रिपोर्ट में लड़की के हवाले से बताया गया था कि उसके गांव के तहसीलदार सिंह और चार अन्य लोग एक जनवरी की रात उसके भाई को मारने आए थे। इसके कुछ देर बाद जब वह अपने घर से बाहर निकली तो आरोपी उसे उठा ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर छोड़ दिया। पिता ने बेटी के घर वापस आने की सूचना पुलिस को दी तो क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस लड़की को महिला थाने ले गई, जहां पुलिस ने रात एक बजे तक उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे महिला पुलिस के साथ मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी रामनगर भेज दिया। पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ें।
जांच के दौरान डेस्क को ‘एबीपी गंगा’ के यूट्यूब चैनल पर घटना से जुड़ी एक रिपोर्ट भी मिली। इसमें बताया गया कि प्रयागराज में लड़की से सामुहिक दुष्कर्म के आरोप में 5 नामजद और 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। युवती ने दुष्कर्म की बात कही थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई। वीडियो रिपोर्ट यहां क्लिक कर देखें।

पड़ताल के अंत में डेस्क ने इस मामले में जातिवादी एंगल है या नहीं यह जानने के लिये संबंधित थाना के अधिकारी से सम्पर्क किया है। जवाब मिलते ही रिपोर्ट अपडेट कर दी जायेगी।
हमारी अब तक की जांच से यह साफ है कि वायरल वीडियो हाल की घटना का नहीं बल्कि 5 साल पुराना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई घटना के 5 साल पुराने वीडियो को हाल का बताकर भ्रम फैला रहे हैं।
(This story was originally published by
PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)