सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है जिसमें कई लड़कियों का तस्वीर है जिसमें उन सभी को गर्भवती दिखाया जा रहा है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के एक ही जिले में 35 अविवाहित लड़कियों के गर्भवती होने का चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
अली सोहराब (@007AliSohrab) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मै ना बोलूंगा… इन रस्मों को, इन कसमों को, इन रिश्ते नातों को… मै ना बोलूंगा…”
करिश्मा अजीज (@karishma_aziz97) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “और कहते हैं की हमारी संस्कृति.......ख़ैर! जिस समाज में बुर्का और हिजाब का विरोध होता हो वहाँ ये सब स्वाभाविक है!”
पड़ताल
खबर के बारे में ज्यादा जानने के लिए हमने
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें मामले से जुड़ी एक खबर मिली। मामला यूपी के वाराणसी का बताया जा रहा है। गांव प्रधान ने बताया “ग्राम पंचायत के गांव मलहिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमनलता ने गांव में घर-घर जाकर लड़कियों को गुमराह करके उनका आधार कार्ड ले लिया। कारण पूछने पर बताया कि वोटर आईडी कार्ड से लिंक होना है। ऐसा करके गांव की करीब 40 लड़कियों का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में पंजीकरण कराकर छह माह से राशन घोटाला कर रही हैं। इसकी सूचना आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर मैसेज आने से हुई है। ग्राम प्रधान ने जांच कर कार्रवाई की मांग की है।”
आपको बता दें पुष्टाहार योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को हर महीने एक किलो गेहूं का दलिया, डेढ़ किलो चना की दाल और आधा लीटर तेल दिया जाता है। फिलहाल इन लड़कियों को प्रधानमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन मिल रहा है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल से साफ है कि महिलाओं के गर्भवती होने की खबर प्रशासनिक गलती है। गर्भवती होने की खबर झूठी है।