यह टीपू का अफसाना है, लेकिन शब्दों में नहीं, रेखाओं से लिखी गई है। रेखाएं भी ऐसी जिनमें कहीं कटाक्ष है तो कहीं सराहना। एक ऐसा अलबम जिनमें व्यंग्य चित्र यादों के पन्ने पलटते हैं, गुदगुदाते हैं और चुटीली टिप्पणी भी करते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर बनाए गए व्यंग्य चित्रों का संकलन ‘टीपू का अफसाना’ पुस्तक के रूप में जल्द ही उनके प्रशंसकों के सामने होगा।
राजकमल प्रकाशन समूह से आने वाली इस किताब का संपादन अखिलेश की जीवनी ‘टीपू स्टोरी’ लिखने वाले फ्रैंक हुजूर ने किया है। राजकमल के प्रबंध निदेशक अशोक माहेश्वरी कहते हैं, मुख्यमंत्री साहित्य-संस्कृति में तो रुचि रखते ही हैं, कार्टून को भी खास तौर पर पसंद करते हैं।
जिन कार्टून्स में उन पर तीखा व्यंग्य होता है, उसकी रचनात्मकता को भी वे नजरअंदाज नहीं करते। जो कार्टून उन्हें पसंद आते हैं, उन्हें अपने मोबाइल में सहेजकर रख लेते हैं।
माहेश्वरी कहते हैं, इस पुस्तक में ऐसे कार्टून का चयन किया गया है जो अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल की गतिविधियों से संबंधित हैं। साथ ही वे इस विधा के श्रेष्ठ नमूने भी हैं।
पुस्तक का संपादन करने वाले फ्रैंक हुजूर बताते हैं कि इसमें कई ऐसे व्यंग्य चित्र भी हैं जो कहीं प्रकाशित नहीं हुए हैं। उप्र हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने पुस्तक की भूमिका लिखी है।
14 को होगा लोकार्पण
पुस्तक का लोकार्पण 14 मार्च को प्रस्तावित है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसका लोकार्पण करेंगे। पहले 6 मार्च को सपा मुख्यालय में इसका लोकार्पण होना था।