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UP: क्षेत्रीय कला के लिए अतिरिक्त सब्सिडी, बॉलीवुड के लिए नया विकल्प बनाने की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

Mon, 16 Feb 2026 08:15 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

उत्तर प्रदेश में कला और मनोरंजन जगत के विकास को केंद्रीय एजेंडे में रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इसके लिए कई योजनाएं और निर्माण कार्य भी शुरू करवाए हैं, जो कि अगले कुछ वर्षों में यूपी को एंटरटेनमेंट कैपिटल बनाने के चरण में अहम होंगे।
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योगी सरकार की यूपी को मनोरंजन जगत का केंद्र बनाने की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास से लेकर राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने जैसे कई काम हो रहे हैं। प्रदेश को मनोरंजन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए भी कई अहम कदम उठाए गए हैं। फिर चाहे वह नोएडा में फिल्म सिटी को विकसित करने से जुड़ी कोशिशें हों या मनोरंजन जगत को बढ़ावा देने के लिए फिल्म बंधु से लेकर डिजिटल मीडिया पॉलिसी शुरू करने तक की बात हो। 
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1. नोएडा में अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी स्थापित करने की पहल
नोएडा के सेक्टर-21 में जेवर एयरपोर्ट के पास लगभग 1,000 एकड़ में एक विश्व स्तरीय फिल्म सिटी बनाई जा रही है। इसमें फिल्म निर्माण से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक की सभी आधुनिक सुविधाएं, फिल्म संस्थान और स्टूडियो एक ही जगह पर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।  

इस पूरी परियोजना के लिए यूपी सरकार ने 1,000 एकड़ जमीन मुहैया कराई है, जो कि इसे उत्तर भारत की सबसे बड़ी फिल्म सिटी बनाने के लिए अहम होगा। उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इसकी दूरी महज 4 किमी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के लिए आवाजाही बेहद आसान होगी।
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इस परियोजना का निर्माण बेव्यू प्रोजेक्ट्स की ओर से किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व फिल्म निर्माता बोनी कपूर और रियल एस्टेट दिग्गज भूटानी ग्रुप कर रहे हैं। पहले चरण में 230 एकड़ जमीन विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 1,510 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना है।

2. वित्तीय प्रोत्साहन और सब्सिडी (यूपी फिल्म नीति)
उत्तर प्रदेश की फिल्म नीति के तहत निर्माताओं को भारी आर्थिक मदद दी जाती है। इसके तहत न सिर्फ क्षेत्रीय भाषाओं में मनोरंजन के साधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि इसके लिए उन्हें सब्सिडी तक मुहैया कराई जा रही है। 
  • भोजपुरी, अवधी, ब्रज या बुंदेली भाषा में बनी फिल्मों को कुल लागत का 50% तक अनुदान (सब्सिडी) दिया जाता है।
  • अगर फिल्म की शूटिंग का 50% हिस्सा यूपी में होता है, तो एक करोड़ रुपये तक और अगर दो-तिहाई हिस्सा यूपी में शूट होता है, तो दो करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
  • इसके अलावा ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते चलन को देखते हुए अब वेब सीरीज को भी 50% तक की सब्सिडी दी जा रही है।
  • इतना ही नहीं अगर फिल्मों या वेब सीरीज में प्रमुख तौर पर राज्य के कलाकारों को लिया जाता है तो सरकार 50 लाख रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान दे रही है।
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3. डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया नीति 2024
योगी सरकार ने हाल ही में नई डिजिटल मीडिया नीति लागू की है। इसके तहत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स (इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स) को सरकारी योजनाओं और राज्य के विकास का प्रचार करने के लिए 3 लाख से 8 लाख रुपये प्रति माह तक कमाने का अवसर दिया गया है।

4. प्रशासनिक सुधार और सुरक्षा
फिल्म निर्माताओं को शूटिंग की अनुमति के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए एक ही जगह से सभी मंजूरी हासिल करने की सुविधा दी गई है। राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था और शूटिंग के दौरान पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित की गई है, जिससे बॉलीवुड के बड़े निर्माता अब यूपी का रुख कर रहे हैं।

5. पर्यटन और सांस्कृतिक प्रचार
वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के साथ-साथ बुंदेलखंड के किलों को फिल्म शूटिंग के लिए प्रमोट किया जा रहा है, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले।
इसके अलावा सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों को सरकार अक्सर राज्य में मनोरंजन कर से मुक्त कर देती है।
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