नस्ल-उत्पादकता के आधार पर पशु का मूल्यांकन
बीमा के लिए पशु का मूल्यांकन उसकी नस्ल, स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन की अवस्था, उत्पादकता, स्थानीय बाजार मूल्य, मौसम और दूसरे स्थानीय कारकों के आधार पर किया जाएगा। बीमित पशुओं की पहचान के लिए यूनिक टैग लगाया जाएगा। यह काम पशुपालन विभाग के पंजीकृत पशु चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी, पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता या मैत्री के माध्यम से किया जा सकता है।
बीमा कराने के लिए यहां करें संपर्क
योजना का लाभ लेने के इच्छुक पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क कर सकते हैं। वहां बीमा की पात्रता, पशु का मूल्यांकन, टैगिंग और आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा सकती है। बीमित पशु की पहचान यूनिक टैग नंबर से की जाएगी और उसकी जानकारी के आधार पर बीमा पॉलिसी मोबाइल लिंक के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।
| बीमा कंपनी का नाम |
बीमा की अवधि |
प्रीमियम दर (पी .टी .डी . रहित) % |
प्रीमियम दर (पी .टी .डी . सहित) % |
| एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड |
01 वर्ष |
2.95 |
3.95 |
प्रीमियम पर सरकारी सब्सिडी के कारण यह सुविधा छोटे और सीमांत पशुपालकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। पशुपालकों के लिए जरूरी है कि बीमा कराने से पहले पशु की उम्र, नस्ल और निर्धारित पात्रता की पुष्टि कर लें। साथ ही, बीमा पॉलिसी और टैग से संबंधित जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर दावा प्रक्रिया में परेशानी न हो।