भारतीय सिनेमा में एक ऐसी भी अभिनेत्री हुईं जिन्होंने बचपन से लेकर अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव तक बगावत की। वह अपने अभिनय के अलावा अपने बगावती तेवर से भी पहचानी जाती थीं। हम बात कर रहे हैं दिवंगत अभिनेत्री जोहरा सहगल की। जोहरा सहगल ने कभी समाज से बगावत की, महिलाओं के लिए लग रही बंदिशों से बगावत की तो कभी धर्म के ठेकेदारों से। ताउम्र वह कुरीतियों को खिलाफ लड़ती रहीं, यहां तक की उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी जोहरा ने बगावती सुर कायम रखे। 6 जुलाई 2014 को जोहरा सहगल ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जोहरा सहगल फिल्मी दुनिया की नगीना मानी जाती थीं। आइए जानते हैं जोहरा सहगल की जिंदगी के कुछ अहम किस्सों को…
रामपुर सियासत से था नाता
जोहरा सहगल ना सिर्फ एक शानदार अभिनेत्री थीं, बल्कि वह एक जिंदादिल इंसान भी थीं। जोहरा सहगल ने 102 साल की उम्र तक अपने दिल को बच्चा ही रखा। वह जिंदगी के हर रंग को खुलकर जीना चाहती थीं। इस जिंदादिल अभिनेत्री का जन्म 27 अप्रैल 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था। जोहरा का जन्म सहारनपुर के पठान खानदान में हुआ था। उनका खानदान रामपुर के सियासत से ताल्लुक रखता था।
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स्कूल की रही हैं टॉपर
जोहरा का पूरा नाम साहिबजादी जोहरा मुमताजुल्ला खान बेगम था। जोहरा सहगल कुल सात भाई-बहन थीं। उन्होंने अपनी शिक्षा लाहौर के क्वीन मैरी कॉलेज से की, जो आजादी से पहले देश का पहला इंटरनेशनल स्कूल माना जाता था। जोहरा लगातार अपने स्कूल की टॉपर थीं। बाद में वह आगे की पढ़ाई के लिए यूरोप चली गईं। जोहरा पढ़ाई करने उस दौर में यूरोप गईं जब लड़कियों को स्कूल भी नहीं भेजा जाता था।
कार से घूमी दुनिया
जिस जमाने में लड़कियों का घर से बाहर निकलना भी लोगों को गंवारा नहीं था उस दौर में जोहरा ने कार से भारत और कई अन्य देशों को घूम लिया। जोहरा को शुरू से ही लड़को की तरह रहना पसंद है। वह देश-विदेश घूमना चाहती थीं। अपनी इसी धुन के चलते उन्होंने कार से ही लगभग आधा भारत घूम लिया था और पश्चिम एशिया और यूरोप की भी यात्रा की।
शादी ना हो इसलिए 10वीं में तीन बार हुईं फेल
जोहरा इतनी बगावती थीं कि जब उन्हें इस बात का पता चला कि 10वीं पास करते ही उनकी शादी कर दी जाएगी तो वह जानबूझकर 10वीं में तीन बार फेल होती रहीं। जोहरा शुरू से ही स्कूल में टॉपर रही थीं। उनके इस तरह से फेल होने ने सभी को चौंका दिया था।
प्यार के चलते हो गए थे दंगे जैसे हालात
जोहरा ने ग्रेजुएशन करने के बाद मशहूर डांसर उदय शंकर का ग्रुप ज्वाइन कर लिया और 1935 से 1940 तक उनके साथ जापान, मिस्र, यूरोप और अमेरिका में कई जगह घूम-घूम कर प्रस्तुति दी। बाद में वह उदय शंकर ग्रुप की ट्रेनर बन गईं। इस दौरान उनकी मुलाकात इंदौर के वैज्ञानिक, पेंटर और डांसर कामेश्वर सहगल से हुई। कामेश्वर उम्र में उनसे आठ साल छोटे और धर्म से हिंदू थे। जब जोहरा और कामेश्वर के प्यार की कहानी लोगों तक पहुंची तो कहा जाता है कि दंगे जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन बिना किसी की परवाह किए जोहरा ने कामेश्वर को अपना जीवनसाथी चुना।
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