जेल में बंद धर्मगुरु मुरली मनोहर मिश्रा उर्फ स्वामी श्रद्धानंद ने अमेजन प्राइम की नई क्राइम डॉक्यूमेंट्री 'डांसिंग ऑन द ग्रेव' पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 'डांसिंग ऑन द ग्रेव' मैसूर के तत्कालीन शाही परिवार के शाकिरा खलीली (मध्य नाम नमाजी) और उनकी हत्या की कहानी बयान करती है।
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30 साल से जेल में बंद है श्रद्धानंद
स्वामी श्रद्धानंद वर्तमान में अपनी पत्नी की हत्या के मामले में 30 साल की जेल की सजा काट रहे हैं। इस याचिका में डॉक्युमेंट्री की रिलीज या सर्कुलेशन को तुरंत रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की गई है। श्रद्धानंद की ओर से पेश अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना के बेंच के सामने पेश किया। वकील ने तर्क दिया कि मामला उच्चतम न्यायायल में लंबित है, ऐसे में इसे कैसे रिलीज किया जा सकता है।
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डाक्युमेंट्री में दिखाई हैं ये चीजें
स्वामी श्रद्धानंद ने कहा है कि डॉक्यूमेंट्री उनके कानूनी अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। वेब सीरीज 'डांसिंग ऑन द ग्रेव' नमाजी की हत्या को दिखाने के लिए अभिलेखीय फुटेज, समाचार क्लिपिंग, साक्षात्कार और नाटकीयता का उपयोग किया गया है। इसमें स्वामी श्रद्धानंद को भी दिखाया गया है, जिसने कथित तौर पर अपनी ही पत्नी की भी हत्या कर दी थी।
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श्रद्धानंद ने की थी शकीरा की हत्या
बता दें कि शकीरा मैसूर के पूर्व दीवान सर मिर्जा इस्माइल की पोती थीं, जिन्होंने पूर्व राजनयिक अकबर खलीली को तलाक देने के बाद 1986 में श्रद्धानंद से शादी की थी। श्रद्धानंद के साथ शादी के पांच साल बाद, वह लापता हो गई और दो साल बाद उनके शरीर को घर के पीछे से खोदकर निकाला गया। श्रद्धानंद ने बेंगलुरु स्थित अपने बंगले के कंपाउंड में ही पत्नी को जिंदा दफना दिया था।