कहानी दिमाग में बस गई
सीरीज की कहानी को लेकर प्रोसित राय ने कहा कि आमतौर पर किसी भी कहानी पर प्रतिक्रिया देने में मुझे कुछ दिन लगते हैं, क्योंकि यही मेरा तरीका है। मैं हमेशा यह देखने की कोशिश करता हूं कि कहानी मेरे साथ बनी रहती है या नहीं।
लेकिन इस कहानी के मामले में, मैंने तुरंत उनसे कह दिया कि मैं इसका हिस्सा बनना चाहता हूं और वहीं से यह सफर शुरू हुआ। यह कहानी मेरे दिमाग में बस गई।