वेव्स समिट में पहुंचे दिनेश विजन
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‘संस्कृति से जुड़ी कहानियां बनाने की जरूरत’
दिनेश विजन का मानना है कि फिल्में जितना ज्यादा स्थानीयता और संस्कृति से जुड़ी होंगी, उतना सफल होने की उम्मीद ज्यादा रहेगी। उन्होंने कहा, “कोविड महामारी के बाद हिंदी फिल्म निर्माताओं ने आम आदमी के लिए फिल्में बनाना सीख लिया है। ‘स्त्री’ और ‘छावा’ हमारी अपनी संस्कृति की कहानियों के उदाहरण हैं, जितना संभव हो उतना स्थानीय कहानियां कहने की जरूरत है। ऐसा मैंने तलाशा है। जब फिल्में आपके अपने बाजार में इस तरह का बिजनेस करती हैं, तो आपके पास इसे आगे बढ़ाने और बड़ा करने के लिए पैसा होता है।”
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ऐसे आई ‘महावतार’ जैसी बड़ी फिल्म बनाने की हिम्मत
विक्की कौशल के साथ अपने आगामी प्रोजेक्ट ‘महावतार’ के बारे में बात करते हुए, दिनेश विजन ने कहा, “हम ‘महावतार’ बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जो शायद हमारी अब तक की सबसे बड़ी फिल्म है। हमारे पास विश्व स्तरीय फिल्म बनाने की तकनीक उपलब्ध थी। साथ ही हम ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि फिल्मों ने काम किया है, इसलिए हम यह जोखिम उठाने को तैयार हैं।”