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विनोद कुमार शुक्ल के चर्चित उपन्यास पर बनी थी यह हिंदी फिल्म, नीदरलैंड्स में हुई थी रिलीज

Tue, 23 Dec 2025 08:02 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Vinod Kumar Shukla: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का आज मंगलवार को रायपुर एम्स में निधन हो गया।  उन्होंने उपन्यास एवं काव्य विधाओं में साहित्य का शानदार सृजन किया था। उनके एक चर्चित उपन्यास पर फिल्म भी बन बनाई गई।
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विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास 'नौकर की कमीज' पर बन चुकी है फिल्म - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रसिद्ध उपन्यासकार, लेखक और कवि विनोद कुमार शुक्ल नहीं रहे। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। रायपुर एम्स में उनका इलाज चल रहा था। सांस लेने में दिक्कत के कारण उन्हें वेंटिलेटर में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। उनके मुख्य उपन्यासों में ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ , ‘नौकर की कमीज’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं।  ‘नौकर की कमीज’ पर हिंदी सिनेमा में फिल्म बन चुकी है। 

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इस निर्देशक ने बनाई फिल्म
विनोद कुमार शुक्ल का साल 1979 में 'नौकर की कमीज' नाम का उपन्यास आया। फिल्मकार मणि कौल ने इस पर बॉलीवुड फिल्म बनाई। फिल्म 'नौकर की कमीज' भारत में रिलीज हुई थी। इसके अलावा मुख्य रूप से इस फिल्म को 30 सितंबर 1999 को नीदरलैंड्स में भी रिलीज किया गया था। 
यह फिल्म शोषण और सामाजिक स्थिति पर केंद्रित है।

फिल्म की कास्ट
फिल्म 'नौकर की कमीज' (1999) में पंकज सुधीर मिश्रा, अनु जोसेफ और ओम प्रकाश द्विवेदी जैसे सितारे अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म में सामिर अहमद, वीकृष्णा और वीना मेहता जैसे कलाकार भी थे। इस फिल्म में ऊपरी और निचले वर्ग के बीच के शोषण को दिखाया गया है।

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मानव कौल ने दी श्रद्धांजलि
विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मानव कौल ने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा है, 'वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह!  हम कहेंगे कि एक विरला लेखक हुआ था.. जिसके शब्द, वाक्य, रहना, खाना, सोना, जीना… सब कविता था। एक अद्भुत कवि … आज हमने देश का सबसे बड़ा लेखक खो दिया। विनोद कुमार शुक्ल'। बता दें कि ये पंक्तियां विनोद कुमार शुक्ल के ही कविता संग्रह की हैं।
 
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