ब्रह्मानंदम की ऑटोबायोग्राफी लॉन्च
भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े हास्य कलाकारों में गिने जाने वाले ब्रह्मानंदम ने आखिरकार अपनी जिंदगी और करियर से जुड़े अनुभवों को किताब के रूप में पेश किया है। उनकी ऑटोबायोग्राफी का विमोचन दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम में हुआ, जहां देश के पूर्व राष्ट्रपति ने इस खास किताब का अनावरण किया। इस मौके पर फिल्म जगत और राजनीति से जुड़ी कई हस्तियां भी मौजूद रहीं।
ब्रह्मानंदम का फिल्मी सफर
ब्रह्मानंदम का जन्म 1 फरवरी 1956 को आंध्र प्रदेश के सत्तेनापल्ली में हुआ था। शुरुआती दिनों में उन्होंने अध्यापन का काम किया, लेकिन अभिनय की दुनिया में उनका झुकाव हमेशा रहा। 1980 के दशक में उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और जल्द ही अपनी अनोखी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों के दिल जीत लिए।
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उनकी पहली बड़ी पहचान 'आहा ना पेल्लांटा' (1987) से मिली, जिसके बाद वह तेलुगु सिनेमा के सबसे भरोसेमंद हास्य कलाकार बन गए। धीरे-धीरे उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में काम किया और रिकॉर्ड कायम किया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनका नाम सबसे ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले जीवित अभिनेता के तौर पर दर्ज है।
40 साल का शानदार करियर
करीब चार दशक लंबे करियर में ब्रह्मानंदम ने 1,000 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। उनकी कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के भाव और डायलॉग डिलीवरी ने उन्हें हर उम्र के दर्शकों का चहेता बना दिया। ब्रह्मानंदम सिर्फ हास्य कलाकार ही नहीं बल्कि एक सशक्त अभिनेता भी हैं। उन्होंने कई बार सीरियस रोल में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। उनकी लोकप्रियता सिर्फ साउथ इंडस्ट्री तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि हिंदी और दूसरी भाषाओं के दर्शकों के बीच भी वो उतने ही प्रिय हैं।
सम्मान और उपलब्धियां
ब्रह्मानंदम को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया है। 2009 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें पांच बार नंदी पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े हास्य कलाकारों में स्थापित कर दिया है।