फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम तेरी गंगा मैली: कैसे शूट हुआ था झरने वाला सीन? अभिनेत्री मंदाकिनी का खुलासा; राज कपूर ने दी थी ये सलाह

Wed, 16 Sep 2026 02:03 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ram Teri Ganga Maili Waterfall Scene: दिग्गज अभिनेत्री मंदाकिनी ने फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से डेब्यू किया था। साल 1985 में आई इस फिल्म का झरने वाला सीन काफी चर्चा में रहा था। इस पर अभिनेत्री ने हाल ही में बात की।
विज्ञापन
मंदाकिनी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के जरिए मंदाकिनी ने सिनेमा की दुनिया में कदम रखे। उम्र महज 16 साल थी। राज कपूर निर्देशित इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया था। फिल्म के झरने वाले सीन पर काफी बवाल हुआ था। मंदाकिनी ने हाल ही में इस बारे में बात की है। 

विज्ञापन

डेब्यू के साथ रातोंरात स्टार बन गई थीं मंदाकिनी
मंदाकिनी हाल ही में फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के उस झरने वाले चर्चित सीन की शूटिंग को याद करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि उन्हें उस सीन में कुछ भी 'अश्लील' या असहज नहीं लगा।
बता दें कि फिल्म में मंदाकिनी ने गंगा की भूमिका निभाई और उनका किरदार काफी पसंद किया गया। फिल्म ने उन्हें लोकप्रियता तो दिलाई, साथ-साथ लोगों का ध्यान भी उन पर बहुत ज्यादा गया। इसकी वजह फिल्म के कई सीन वर्षों तक चर्चा और विवाद का विषय बने रहे। इन्हीं में शामिल है झरने वाला सीन।

फिल्म- राम तेरी गंगा मैली - फोटो : सोशल मीडिया
'नहीं समझ थी किस नजरिए से देखा जाएगा'
फिल्म के बारे में बात करते हुए मंदाकिनी ने 'तुझे बुलाएं ये मेरी बाहें' गाने के उस मशहूर वॉटरफॉल सीन पर भी चुप्पी तोड़ी। बता दें कि इस गाने में मंदाकिनी सफेद साड़ी पहने नजर आई थीं। 
समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की थी, तब वे सिर्फ 16 साल की थीं। उन्हें पूरी तरह समझ नहीं आया था कि बाद में उन सीन को किस नजरिए से देखा जाएगा। फिल्म में झरने वाले सीन के बारे में बात करते हुए मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर ने उन्हें यह सीक्वेंस समझाया था और इस बात को गलत बताया कि उस सीन का मकसद 'अश्लीलता' दिखाना था। उन्होंने कहा कि फिल्म का मुख्य आइडिया पवित्रता और गंगा के किरदार के बारे में था।

राज कपूर ने क्या सुझाव दिया था?
मंदाकिनी ने कहा, 'उनका (राज कपूर) तरीका ऐसा था कि आप उनसे कोई सवाल ही नहीं करते थे। इतना प्यार से इतना जेंटल जैसे आपका फैमिली मेंबर आपसे करवा रहा हो'।
मंदाकिनी ने कहा, 'मुझे कहीं भी कोई अश्लीलता महसूस नहीं हुई। जरा भी बुरा या घिनौना नहीं लगा। पूरी फिल्म का सार यही था कि पवित्रता जैसी कोई चीज नहीं होती। वे उसे (गंगा को) अपवित्र बनाना चाहते थे, लेकिन वे सफल नहीं हुए'।
अभिनेत्री ने कहा, 'राज कपूर मेरे सामने थे... थोड़ा सा मुझे असहज लगा तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया। उन्होंने कहा डबल कर लो तो मैंने कर लिया.. बस हो गया वो शॉट'।

बोलीं- 'कई मेकर्स ने रिक्रिएट करना चाहा वह सीन'
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद कुछ फिल्ममेकर्स चाहते थे कि वे झरने वाला सीन दोबारा करें, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि एक सफल फिल्म के लिए सिर्फ एक खास सीन नहीं, बल्कि एक अच्छी कहानी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, 'हिट होने के लिए आपको एक बहुत अच्छी कहानी की जरूरत होती है, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी। उसमें क्या दिखाया गया है? उसे कैसे पेश किया गया है? डायरेक्टर आपको क्या मैसेज देना चाहता है? हर चीज मायने रखती है'। मंदाकिनी ने कहा कि दबाव के बावजूद उन्होंने वह सीन कभी नहीं दोहराया और फिल्मों में काम करती रहीं। 

राज कपूर-मंदाकिनी - फोटो : सोशल मीडिया
बोलीं- 'बाकी डायरेक्टर्स से अलग थे राज कपूर'
मंदाकिनी ने राज कपूर के साथ इस फिल्म में काम करने का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि वह एक आध्यात्मिक अनुभव था, जैसे मैं सम्मोहित हो गई थी'।
उन्होंने 'राम तेरी गंगा मैली' फिल्म बनने के सफर को बेहद क्रिएटिव और इमोशनल बताया। एक्ट्रेस ने कहा कि सेट पर मौजूद हर शख्स ने पूरे मन से काम किया।
एएनआई से बातचीत में मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर के साथ काम करने का उनका अनुभव, बाद के करियर में दूसरे डायरेक्टर्स के साथ काम करने के अनुभव से बहुत अलग था। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें लगा कि दूसरे डायरेक्टर्स फिल्म बनाने के बजाय उसे बस काम पूरा करने पर ज्यादा ध्यान देते थे। 
एक्ट्रेस ने कहा, 'दो तरह के निर्देशक होते हैं ना। एक तो वो जो फिल्में बनाते हैं, जिनको सच में फिल्म बनानी होती है और दूसरे वो होते हैं, जिनको बस फिल्म खत्म करनी होती है। जल्दी खत्म करो, किसी को देनी है, जल्दी रिलीज करनी है। तो फर्क तो है'। उन्होंने कहा कि राज कपूर के फिल्म निर्माण में एक जुनून और दूरदर्शिता शामिल थी जो हर किसी में आम नहीं थी।
विज्ञापन

'शूटिंग में पूरी तरह डूब गई थी'
मंदाकिनी ने यह भी माना कि वह राज कपूर की फिल्म बनाने की प्रक्रिया में पूरी तरह डूबी हुई थीं और राज कपूर के साथ काम करते हुए मंत्रमुग्ध हो गई थीं।
जब मंदाकिनी से पूछा गया कि क्या उन्हें शूटिंग के दौरान 'हिप्नोटाइज्ड' (सम्मोहित) जैसा महसूस हुआ? इस पर उन्होंने कहा, 'हां... जैसे कोई एहसास ही नहीं है। जैसे वे कह रहे हैं कि यहां देखो, यह करना है... हां जी। ऐसा लग रहा था जैसे आप बस बह रहे हों'।
बाद में जिन दूसरे फिल्ममेकर्स के साथ उन्होंने काम किया, उनके मुकाबले राज कपूर के काम करने के तरीके की तुलना करते हुए मंदाकिनी ने कहा कि उन डायरेक्टर्स में फर्क होता है, जो फिल्म बनाना चाहते हैं और जो सिर्फ फिल्म पूरी करना चाहते हैं।

बेहद ख्याल रखते थे राज कपूर
'राम तेरी गंगा मैली' फिल्म की शूटिंग के दौरान के अपने अनुभव को याद करते हुए मंदाकिनी ने बताया कि राज कपूर एक युवा और नई कलाकार के तौर पर उनका बहुत ख्याल रखते थे। उन्होंने कहा कि वे आउटडोर शूट के लिए अपने पिता और बहन के साथ जाती थीं। राज कपूर उनकी सुरक्षा और आराम का पूरा ध्यान रखते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें