बोले- 'जैसा चाहते थे वैसा नतीजा नहीं मिला'
फिल्म कल शुक्रवाल 31 जुलाई को थिएटर्स में रिलीज होगी। हालांकि, भारत में यह एक दिन पहले यानी आज सिनेमाघरों में सज चुकी है। टॉम हॉलैंड ने पीटर पार्कर के तौर पर अपनी चौथी सोलो फिल्म की लंबी एडिटिंग प्रोसेस के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि क्रिएटिव टीम के अपने नजरिए पर दोबारा सोचने से पहले, दर्शकों के फीडबैक के आधार पर फिल्म में कुछ बदलाव किए गए थे। डेडलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में एक इंटरव्यू में टॉम हॉलैंड ने कहा, 'दिलचस्प बात यह है कि हमने इस फिल्म के कई अलग-अलग कट देखे हैं। एक कट ऐसा भी था, जिसमें फिल्म देखने वाले अलग-अलग लोगों से मिले सुझावों के आधार पर फिल्म में बदलाव किए गए थे'। एक्टर ने आगे कहा कि इस प्रयोग से वैसा नतीजा नहीं मिला जैसा वे चाहते थे।
बोले- 'पहला वर्जन देखकर सबक सीखा'
हॉलैंड ने कहा, 'हमने पहला कट देखा और हमें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। यह बताते हुए कि वह वर्जन पसंद क्यों नहीं आया? एक्टर ने आगे कहा, 'यह पूरी तरह से काम नहीं किया। यह वही है, जो लोग मांग रहे थे, लेकिन यह वह नहीं था जो हम क्रिएटिव के रूप में चाहते थे। लेकिन उन्होंने उस अनुभव से सबक सीखा कि एडिटिंग रूम में एक फिल्म हजारों अलग-अलग तरीकों से बदल सकती है'। टॉम हॉलैंड के कमेंट्स एक बड़ी सुपरहीरो फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन प्रोसेस की एक झलक देते हैं। इसमें बताया गया है कि फाइनल वर्जन ऑडियंस तक पहुंचने से पहले कई एडिट्स को कैसे टेस्ट किया जा सकता है।
'बैलेंस की अहमियत को पक्का किया'
टॉम हॉलैंड के मुताबिक, इस अनुभव ने दर्शकों के फीडबैक और फिल्ममेकर्स के क्रिएटिव विजन के बीच बैलेंस बनाने की अहमियत को और पक्का किया। अभिनेता के अनुसार, इस अनुभव ने फिल्म मेकर्स के क्रिएटिव विजन के साथ दर्शकों की प्रतिक्रिया को बैलेंस करने के महत्व को मजबूत किया। अभिनेता 'स्पाइडर-मैन- ब्रांड न्यू डे' में पीटर पार्कर के रूप में लौट आए हैं, जो एमसीयू में उनकी चौथी स्टैंडअलोन स्पाइडर-मैन फिल्म है।