अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में एक नया अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले कुणाल (21) और सुमित (19), तथा उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा (23) और बबीता (23) को गिरफ्तार किया है।
एएनआई के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने के लिए जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था, उसे सप्लाई करने में इन चारों का ही हाथ है। आरोपियों ने पंजाब के अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हथियार उठाए थे। यह हथियार 'डेड लेटर बॉक्स' नामक प्रणाली का इस्तेमाल करके ही अमृतसर तक पहुंचाए गए थे।
कैसे अनिल पंडित के संपर्क में आया कुणाल?
- एएनआई के मुताबिक, कुणाल को इस साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा किया गया था।
- जेल से छूटने के बाद, कथित तौर पर एक दोस्त ने उसकी मुलाकात अनिल पंडित से कराई।
- इसके बाद अनिल और कुणाल दोनों की एक एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन के जरिए बातचीत होने लगी।
- करीब दो हफ्ते पहले अनिल पंडित ने कुणाल को अमृतसर से हथियार लाकर, उन्हें मुंबई भेजने का काम सौंपा था।
- इसके बाद कुणाल और उसके साथ में सुमित करीब दो हफ्ते पहले यह हथियार लेने अमृतसर पहुंचे।
- उन्हें हथियार रखे होने की जगह के बारे में अनिल पंडित ने पहले ही बता दिया था।
कहां से हुई राधा और बबीता की एंट्री?
- जांचकर्ताओं को शक है कि इसके बाद कुणाल ने हथियार मुंबई पहुंचाने के काम में अपनी गर्लफ्रेंड राधा को भी शामिल कर लिया।
- बताया जाता है कि राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं।
- कुणाल की राधा से मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी, और उसी के कहने पर वह बबीता के साथ मुंबई गई थी।
- सूत्रों ने आगे बताया कि अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुणाल और सुमित को इस काम के लिए 70 से 80 हजार रुपये के बीच भुगतान किया था।
- इस रकम में से, कथित तौर पर लगभग 10 से 12 रुपये बबीता और राधा को दिए गए थे, जिन्हें हथियार मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा गया था।