बेहतर हो सकती थी सीरीज
एक यूजर ने 'द फैमिली मैन' सीजन 3 को औसत दर्जे का बताया है। उन्होंने लिखा है 'द फैमिली मैन सीजन 3 सीरीज अच्छी थी लेकिन यह और भी अच्छी हो सकती थी। इस बार श्रीकांत तिवारी ने वांटेड मैन की भूमिका निभाई लेकिन पारिवारिक व्यक्ति के तौर पर वह थोड़े पीछे रह गए।'
यूजर ने कहानी को बताया पुरानी
एक दूसरे यूजर ने सीरीज की कहानी को पुरानी बताया है। उन्होंने लिखा 'राज एंड डीके, हमारी पसंदीदा वेब सीरीज के साथ आपने क्या किया? आपने तो उसी कहानी को आगे बढ़ाया कि भारत सरकार और भारतीय एजेंसियां कुछ भारत में जन्मे निजी संगठन के खिलाफ लड़ती हैं। नयापन कहां है? आपने निराश किया।'
सीरीज को बताया बोरिंग
एक यूजर ने सीरीज को बोरिंग बताया है। उन्होंने लिखा है 'बहुत बोरिंग। कोई सस्पेंस नहीं, कोई ड्रामा नहीं, कोई थ्रिल नहीं। सिर्फ अलग एक्टिंग है। ऐसा लगता है कि सीजन तीन को बिना किसी कहानी के लाया गया। छह घंटे बेकार हो गए। उम्मीदों पर पानी फिर गया। लगता है ये लोग सीजन चार को भी खराब कर देंगे।'
अगले सीजन का है इंतजार
एक यूजर को द फैमिली मैन 3 सीरीज अच्छी लगी है। उसने लिखा है 'द फैमिली मैन 3 को बार-बार देखा और यह आपको आखिरी मिनट तक बांधे रखती है। कलाकार अच्छे हैं। एक्टिंग और कहानी भी बहुत अच्छी है। सच में अगले सीजन का इंतजार है। आखिरी शॉट जहां सीरीज खत्म हुई है उसे जरूर देखें।'
'फैमिली मैन 3' के बारे में
द फैमिली मैन सीजन तीन में मनोज बाजपेयी, जयदीप अहलावत, शारिब हाशमी, प्रियामणि, अश्लेषा ठाकुर, वेदांत सिन्हा, श्रेया धनवंतरी और गुल पनाग हैं। सीरीज का निर्देशन राज और डीके ने किया है। इस सीजन में सुमन कुमार और तुषार सेठ भी डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए हैं। सीरीजी के लेखक राज एंड डीके और सुमन कुमार हैं।