भारत के मशहूर टेलीविजन धारावाहिक 'क्योंकि सांस भी कभी बहु थी' में 'बा' का किरदार निभाने वाली सुधा शिवपुरी का निधन हो गया है। लंबे समय से बिमार चल रहीं 78 वर्षीय सुधा ने बुधवार सुबह अंतिम सासें लीं।
यूं तो सुधा लंबे समय से हिन्दी फिल्मों और टीवी सीरियलों में काम कर रही थीं। लेकिन स्मृति ईरानी को सेलिब्रेटी बना देने वाले धारावाहिक 'क्योंकि सांस भी कभी बहु थी' में तुलसी यानी स्मृति ईरानी की दादी की भूमिका ने उन्हें ऊंचाई पर पहुंचा दिया और वो टीवी सीरियल की 'बा' के नाम से जानी जाने लगीं।
महिलाओं में भारी शोक
सन् 2000 से 2008 के बीच स्टार प्लस चैनल से प्रसारित होने वाले टीवी सीरियल 'क्योंकि सांस कभी बहु थी' महिलाओं सबसे पसंदीदा धारावाहिक था। यहां तक महिलाएं अपना जरूरी काम छोड़कर इस धारावाहिक को देखती थीं।
इसमें मुख्य किरदार तुलसी जिंदगी की उलझनों-सुलझनों से जूझती रहती थी, जिसमें उसकी 'बा' सुधा उनकी सहायता करती थी। इससे पूरे भारत के घर-घर में 'बा' ने अपने चाहने वाले बना लिए थे।
आज उनके निधन की खबर से देश भर की महिलाओं में शोक लहर है। इसके अलावा सुधा शिवपुरी ने 'स्वामी' 'इंसाफ का तराजू', 'अलका', 'पिंजर', 'हमारी बहू', 'सावन को आने दो', 'द बर्निंग ट्रेन' जैसी फिल्मों में काम किया है।
सुधा का जन्म राजस्थान में हुआ। उन्हें 2002, 2003, 2004, 2005, 2007 में लगातार स्टार परिवार अवार्ड मिला।