राजा चौधरी अब अभिनय के नए मोड़ पर हैं। वे रंगमंच से जुड़ चुके हैं। कई फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और रिएलिटी शोज से जुड़कर चर्चा पा चुके राजा ने कालजयी उर्दू साहित्यकार मंटो की प्रसिद्ध कहानी 'टोबा टेक सिंह' पर आधारित इसी नाम के एक नाटक में केंद्रीय भूमिका निभाई है।
यूं तो राजा ने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान कई नाटकों में अभिनय किया है, लेकिन 'टोबा टेक सिंह’ उनका पहला प्रोफेशनल नाटक है।
कुछ दिनों पहले राजा चौधरी अपने बढ़ते वजन को लेकर चर्चा में थे। दरअसल यह उनकी अगली भूमिका के लिए था। 'टोबा टेक सिंह' का किरदार निभाने के लिए राजा को न केवल अपना वजन बढ़ाना पड़ा है, बल्कि महीने भर चले रिहर्सल के दौरान रोज कई घंटों के लिए दाढ़ी और पगड़ी भी पहननी पड़ी।
राजा का कहना है कि, 'इस नाटक से जुडऩे के बाद उन्होंने बंटवारे की विभीषिका को महसूस किया है।'
उनका यह भी कहना है कि, 'देश का बंटवारा हो या परिवार का बंटवारा, दोनों ही भयावह होते हैं।'
टोबा टेक सिंह का मंचन शिव भागीरथी फिल्म प्रोडक्शन के तहत हो रहा है। भागीरथी पोडेल इसकी प्रोड्यूसर हैं।
राजा की मानें, तो थियेटर टीवी और फिल्म से ज्यादा चैलेंजिंग होता है, क्योंकि यहां रीटेक का मौका नहीं होता।